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Trading Partner: चीन को छोड़ अमेरिका भारत का सबसे बड़ा कारोबारी भागीदार, 128 अरब डॉलर का हुआ कारोबार
Mon, 17 Apr 2023 06:51 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Mon, 17 Apr 2023 06:51 AM IST
सार
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 में 7.65% बढ़ा है। 2020-21 में यह व्यापार 119.5 अरब डॉलर हुआ था। वहीं 2020-21 में यह सिर्फ 80.51 अरब डॉलर पर था।
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सांकेतिक तस्वीर बिजनेस कारोबार
- फोटो : pixabay
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विस्तार
वित्त वर्ष 2022-23 में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा कारोबारी भागीदार बनकर उभरा है। दोनों देशों के बीच इस दौरान 128.55 अरब डॉलर का व्यापार हुआ है। वहीं इस मामले में चीन दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। इनके बीच कारोबार में बढ़ोतरी ऐसे समय पर हो रही है, जब अमेरिका और भारत के बीच संबंध पिछले कुछ सालों में तेजी से मजबूत हुए हैं।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 में 7.65% बढ़ा है। 2020-21 में यह व्यापार 119.5 अरब डॉलर हुआ था। वहीं 2020-21 में यह सिर्फ 80.51 अरब डॉलर पर था। 2022-23 में भारत से अमेरिका में निर्यात 2.81% बढ़ोतरी के साथ 78.31 अरब डॉलर हो गया, जो 2021-22 में 76.18 अरब डॉलर था। भारत में अमेरिका से आयात इस दौरान 16% बढ़ा है और अब ये 50.24 अरब डॉलर हो चुका है। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत-चीन में व्यापार 1.5% गिरावट के साथ 113.83 अरब डॉलर का रह गया। इससे पिछले साल 115.42 अरब डॉलर था। भारत से चीन के लिए 2022-23 में निर्यात 28% गिरावट के साथ 15.32 अरब डॉलर रह गया, जबकि आयात 4.16% वृद्धि के साथ 98.51 अरब डॉलर था। भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 2022-23 में बढ़कर 83.2 अरब डॉलर हो गया, जो 2021-22 में 72.91 अरब डॉलर था।
तीसरे स्थान पर आया यूएई
वित्त वर्ष 2013-14 से लेकर 2017-18 तक और 2020-21 में चीन भारत का सबसे बड़ा कारोबारी भागीदार था। चीन से पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भारत के साथ शीर्ष कारोबारी देशों में था। 2022-23 में यूएई 76.16 अरब डॉलर के साथ तीसरे, 52.72 अरब डॉलर के साथ सऊदी अरब चौथे और 35.55 अरब डॉलर के साथ सिंगापुर पांचवां सबसे बड़ा भागीदार था।
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वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 में 7.65% बढ़ा है। 2020-21 में यह व्यापार 119.5 अरब डॉलर हुआ था। वहीं 2020-21 में यह सिर्फ 80.51 अरब डॉलर पर था। 2022-23 में भारत से अमेरिका में निर्यात 2.81% बढ़ोतरी के साथ 78.31 अरब डॉलर हो गया, जो 2021-22 में 76.18 अरब डॉलर था। भारत में अमेरिका से आयात इस दौरान 16% बढ़ा है और अब ये 50.24 अरब डॉलर हो चुका है। वित्त वर्ष 2022-23 में भारत-चीन में व्यापार 1.5% गिरावट के साथ 113.83 अरब डॉलर का रह गया। इससे पिछले साल 115.42 अरब डॉलर था। भारत से चीन के लिए 2022-23 में निर्यात 28% गिरावट के साथ 15.32 अरब डॉलर रह गया, जबकि आयात 4.16% वृद्धि के साथ 98.51 अरब डॉलर था। भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 2022-23 में बढ़कर 83.2 अरब डॉलर हो गया, जो 2021-22 में 72.91 अरब डॉलर था।
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तीसरे स्थान पर आया यूएई
वित्त वर्ष 2013-14 से लेकर 2017-18 तक और 2020-21 में चीन भारत का सबसे बड़ा कारोबारी भागीदार था। चीन से पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भारत के साथ शीर्ष कारोबारी देशों में था। 2022-23 में यूएई 76.16 अरब डॉलर के साथ तीसरे, 52.72 अरब डॉलर के साथ सऊदी अरब चौथे और 35.55 अरब डॉलर के साथ सिंगापुर पांचवां सबसे बड़ा भागीदार था।
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