Samvad 2024: 'बिजनेस आइडियाज अच्छे हों तो देश में पूंजी की कमी नहीं', अमर उजाला संवाद में बोले दिग्गज कारोबारी
Amar Ujala Samvad: 'कारोबार में शिखर पर पहुंचने की बात' नाम सेशन में केंट ग्रुप के सीएमडी महेश गुप्ता, एडलवाइस की सीईओ व एमडी राधिका गुप्ता और लुलु ग्रुप के क्षेत्रीय निदेशक जयकुमार गंगाधरण ने भाग लिया।
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लखनऊ में हो रहे अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में सोमवार को देश के कारोबार जगत के भी कई दिग्गज शामिल हुए। 'कारोबार में शिखर पर पहुंचने की बात' नाम सेशन में केंट ग्रुप के सीएमडी महेश गुप्ता, एडलवाइस की सीईओ व एमडी राधिका गुप्ता और लुलु ग्रुप के क्षेत्रीय निदेशक जयकुमार गंगाधरण ने भाग लिया। वहीं 'हिम्मत न हारने की बात' सेशन में पीडब्ल्यूसी इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर मो. आसिफ इकबाल ने हिस्सा लिया।
आज के बच्चों का आत्मविश्वास पहले के बच्चों की तुलना में बहुत ज्यादा: राधिका गुप्ता
एडलवाइस की सीईओ व एमडी राधिका गुप्ता का पाकिस्तान में जन्म हुआ। वे फिर अमरेका पहुंची और 33 साल की उम्र में कंपनी की सीईओ बन गई। वे शॉर्क टैक से जुड़ीं। उन्हें लोग मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने अमर उजाला संवाद में कहा कि पहले मैं बहुत रिजर्व और साई थी। अगर आप कुछ करना चाहें तो सारी कायनात इसमें आपकी मदद करती है। अमर उजाला का बहुत-बहुत शुक्रिया। मैं यूपी की लड़की हूं ऐसे में मुझे यहां स्टेज पर आना बहुत मायने रखता है। यूपी का बदलाव मैंने अपनी आंखों से देखा है।
राधिका गुप्ता ने कहा कि मुझे अपने गृह राज्य में आकर बोलने का मौका मिला इसके लिए अमर उजाला का धन्यवाद। मेरे पिता सहारनपुर और मां मुजफ्फरनगर की हैं। मेरे पिता 19 साल की उम्र में अंग्रेजी सीखकर भी आईएएस ऑफिसर बने। एक जरूरी बात यह है कि बदलाव को स्वीकार करने की जरूरत होती है। आसान सी चीज है कि जहां आप हो उसके बारे में शिकायत कर सकते हो कि मेरे पास ये नहीं है, मेरे पास वो नहीं है। मेरे पापा कहते थे कि जो आपके नियंत्रण में है, आपको वो करना चाहिए। हमेशा एक उम्मीद लेकर आगे बढ़ना चाहिए। यही समय आपको निखारता है। नजर बदलो तो नजारे बदल जाते हैं। सोच बदलो तो सितारे बदल जाते हैं। दिशा बदलो तो किनारे बदल जाते हैं।
आज का युवा जिस भारत में बड़ा हो रहा है वह पहले के भारत से बहुत अलग है। आज के बच्चे के हाथों में मोबाइल है। आज आठ साल का बच्चा शॉर्क टैंक देखता है। आज के बच्चों की बिजनेस की थिंकिंग पहले की तुलना में बहुत आगे है। आज के युवाओं का आत्मविश्वास भी बहुत ज्यादा है। ऐसे में वे भविष्य में बहुत आगे जा सकते हैं। यूपी और हिंदुस्तान एक बहुत बड़ा कंज्यूमर मार्केट है। यह सबके लिए अच्छी खबर है। आप कोई भी बढ़िया बिजनेस आप कर सकते हैं। आप ग्राहकों की जरूरत को पकड़िए और उसका समाधान पेशकर बिजनेस करिए। लोगों को उपभोक्तओं से संवाद करना चाहिए। आज के हिंदुस्तान में कैपिटल की कमी नहीं है। अगर आइडिया अच्छा है तो पैसे देने वाले मिलेंगे। बिजनेस एक लाइफटाइम का काम है। उन्होंने कहा कि जो नौकरी कर रहे हैं वे भी निराश ना हो।
देश के लोगों को सोच बदलने में वक्त लगेगा, पर हम सही रास्ते पर: आसिफ इकबाल
पीडब्ल्यूसी इंडिया के मो आसिफ इकबाल ने कहा कि भारत के लिए अब भी बहुत कुछ करना है। यहां तक की आने की यात्रा बहुत ही संघर्षों से भरा रहा। मैं भागलपुर में पला-बढ़ा। आज भी मुझे याद है उनकी एक ही परसेप्शन थी कि ये जिंदगी में कभी कुछ नहीं कर पाएगा। माता-पिता फील करते थे कि ये बेचारा समाज पर बोझ जैसा है। पर हमें आज भी याद है जब प्रिंसिपल हमारे पापा और अंकल को बुलाकर कहते थे कि इसे लेकर जाहिए, ये पूरा माहौल खराब कर रहा है। शायद मैंने स्वीकार कर लिया था। कई बार फेल किया। ताने सुने। फिर मैं अपने ताऊ के साथ जब अमेरिका गया तो वहां शिक्षकों ने मेरा हौसला बढ़ाया।
हमारे शिक्षकों ने हमें समझाया कि हम बिना आंखों से भी बहुत कुछ कर सकते हैं। मेरी मां ने सिखाया है कि तुम्हारे पास आंख नहीं है पर तुम्हारे पास एक सुंदर दिमाग है। उसका इस्तेमाल कर आगे बढ़ो। तुम हुनर सीखो और सारे चीज सीखों और अपनी एक पहचान बनाओ। हमने कंप्यूटर लैपटॉप चलाना सीखा। उसके बाद मेरी जिंदगी में बदलाव आए। देश में लोगों की संवेदनशीलता के बारे में उन्होंने कहा कि जनता की सोच बदलने में बहुत वक्त लगेगा। सोच बदलने की जरूरत है। वक्त लगेगा पर हम सही रास्ते पर हैं। आसिफ इकबाल ने संवाद कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया।
लुलु ग्रुप के क्षेत्रीय निदेशक जयकुमार गंगाधरण बोले- महिलाओं का कारोबार जगत में अहम योगदान
लुलु ग्रुप के क्षेत्रीय निदेशक जयकुमार गंगाधरण ने कहा कि लुलु मॉल में सभी सुविधा एक छत के नीचे उपलब्ध है। हर कोई खुशहाली के लिए काम कर रहा है। हम वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर में हम विस्तार की तैयारी कर रहे हैं। कारोबार जगत में महिलाओं के योगदान के बारे में उन्होंने कहा कि उनके बिना कुछ भी संभव नहीं है। जैसे ही आप उन्हें मौका देते हैं उनकी ओर से त्वरित प्रतिक्रिया मिलती हैं। उनका कारोबार में अहम योगदान रहता है।