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RRB: 26 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का एकीकरण आज से प्रभावी, क्या है इस कदम का मकसद? यहां जानिए

Thu, 01 May 2025 12:32 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Thu, 01 May 2025 12:32 PM IST
सार

RRB: वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने 8 अप्रैल को  'एक राज्य एक आरआरबी' के सिद्धांत पर अमल करते हुए 26 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के एकीकरण से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया। यह आरआरबी के पुनर्गठन का चौथा चरण था। यह बदलाव आज से प्रभावी हुआ। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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Amalgamation of 26 Regional Rural Banks (RRBs) takes effect
बैंक - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

'एक राज्य एक आरआरबी' की तर्ज पर 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाल ही में किया गया क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का एकीकरण गुरुवार से प्रभावी हो गया। वित्तीय सेवा विभाग ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 26 क्षेत्रीय आरआरबी का एकीकरण आज से प्रभावी हो गया है। मजबूत आरआरबी, बेहतर प्रशासन, बेहतर ऋण प्रवाह और वित्तीय समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

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8 अप्रैल को जारी किया गया था एकीकरण का नोटिफिकेशन

वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने 8 अप्रैल को  'एक राज्य एक आरआरबी' के सिद्धांत पर अमल करते हुए 26 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के एकीकरण से जुड़ा नोटिफिकेशन जारी किया। यह आरआरबी के पुनर्गठन का चौथा चरण था।  वित्त मंत्रालय ने अतीत में हुए विलय के बाद आरआरबी की दक्षता में सुधार को ध्यान में रखते हुए हितधारकों के परामर्श के लिए नवंबर 2024 को इसकी योजना पेश की थी।

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हितधारकों से परामर्श के बाद, 10 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में 26 आरआरबी का विलय किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बैंकों की दक्षता में सुधार और लागत को तर्कसंगत बनाना है। नए विलय के बाद, 26 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 28 आरआरबी होंगे, जिनकी 700 जिलों में 22,000 से अधिक शाखाएं होंगी।


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आरआरबी की 92 प्रतिशत शाखाएं ग्रामीण या अर्ध शहरी क्षेत्रों में

इन बैंकों का संचालन मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में होता है। इनकी लगभग 92 प्रतिशत शाखाएं ग्रामीण या अर्ध शहरी क्षेत्रों में हैं। पहले चरण (वित्त वर्ष 2006 से वित्त वर्ष 2010)  में आरआरबी की संख्या 196 से घटाकर 82 कर दी गई थी। दूसरे चरण (वित्त वर्ष 2013 - वित्त वर्ष 2015) में आरआरबी की संख्या 82 से घटाकर 56 कर दी गई। वहीं, तीसरे चरण (वित्त वर्ष 2019 से वित्त वर्ष 2021) में आरआरबी की संख्या 56 से घटाकर 43 कर दी गई थी।

वित्तीय सेवा विभाग की वेबसाइट के अनुसार, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) की स्थापना 1975 में ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, व्यापार, वाणिज्य, उद्योग और अन्य उत्पादक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। इसका उद्देश्य विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों, कृषि मजदूरों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को ऋण और अन्य सुविधाएं प्रदान करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विकसित करना था।

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