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West Asia Crisis: इस्राइल-ईरान तनाव से भारत में एल्युमिनियम का संकट गहराया, इन कंपनियों की बढ़ सकती है परेशानी
Wed, 29 Apr 2026 10:52 PM IST
Himanshu Singh Chandel
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Wed, 29 Apr 2026 10:52 PM IST
सार
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारत के पेय बाजार पर दिखने लगा है। एल्युमिनियम कैन की कमी के कारण कई लोकप्रिय कोल्ड ड्रिंक बाजार और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से गायब हो रही हैं। कोका-कोला और पेप्सी जैसी कंपनियां पश्चिम एशिया से कैन मंगाती थीं।
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(कैन) सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एडोब स्टॉक
विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत के रोजमर्रा के बाजार पर भी दिखने लगा है। भारत में बिकने वाली कई लोकप्रिय कैन वाली कोल्ड ड्रिंक अब दुकानों और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म से गायब हो रही हैं। इसकी बड़ी वजह एल्युमिनियम कैन की कमी है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि भारत की बड़ी कोला कंपनियां लंबे समय से पश्चिम एशिया के देशों से कैन मंगाती रही हैं, लेकिन मौजूदा संघर्ष के बाद सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इससे बाजार में अचानक कमी देखने को मिल रही है।
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ग्राहकों पर इसका क्या असर पड़ा?
कैन वाली ड्रिंक्स पसंद करने वाले ग्राहकों को अब विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। कई लोग अब PET बोतलों की तरफ जा रहे हैं। डाइट कोक की जगह लोग कोका-कोला जीरो शुगर खरीद रहे हैं। हेल्दी ड्रिंक्स और जूस की मांग भी बढ़ रही है। रिटेल स्टोर्स में भी कई ब्रांड्स की कैन उपलब्ध नहीं हैं।
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भारत में कैन की कमी कैसे?
भारत में कई कंपनियां यूएई, बहरीन और कतर से एल्युमिनियम कैन मंगाती हैं।
इन कंपनियों को सप्लाई देने वाली कैनपैक की पश्चिम एशिया स्थित यूनिट्स पर असर पड़ा।
ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद सप्लाई बाधित हुई।
भारत में 330 एमएल कैन की उपलब्धता घटी।
डाइट कोक जैसे कई उत्पाद बाजार में कम दिख रहे हैं।
कई ऑनलाइन डिलीवरी ऐप्स पर भी स्टॉक खत्म दिख रहा है।
बीयर कंपनियों पर असर कम क्यों है?
बीयर उद्योग इस संकट से ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ है क्योंकि वह अपनी जरूरत का करीब 80 प्रतिशत 500 एमएल कैन भारत में ही बनवाता है। बाकी कैन थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे देशों से मंगाए जाते हैं। बीयर कंपनियों ने पहले ही सप्लाई स्रोत बढ़ा दिए थे। हालांकि भारत में इनके लिए उत्पादन सुविधाएं मौजूद हैं।
आगे क्या राहत मिल सकती है?
सरकार ने जनवरी में एल्युमिनियम कैन आयात से जुड़े कुछ नियमों में राहत दी थी। इसके बावजूद एलपीजी की कमी के कारण घरेलू उत्पादन नहीं बढ़ पाया। अब गैस सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज ने विशेष एल्युमिनियम शीट का उत्पादन बढ़ाया है। घरेलू उत्पादन बढ़ने से आने वाले समय में राहत मिल सकती है। कंपनियां PET बोतलों पर ज्यादा फोकस कर सकती हैं।
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