{"_id":"6ad969ab643c4d2dd50ef996","slug":"ai-startup-ipos-could-add-100-billion-to-india-s-stock-market-goldman-sachs-estimates-2026-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"एआई आईपीओ: भारतीय शेयर बाजार में आएंगे 100 अरब डॉलर, अगले पांच साल में 50% तक कंपनियों की लिस्टिंग का अनुमान","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
एआई आईपीओ: भारतीय शेयर बाजार में आएंगे 100 अरब डॉलर, अगले पांच साल में 50% तक कंपनियों की लिस्टिंग का अनुमान
Thu, 22 Oct 2026 07:13 AM IST
शिवम गर्ग
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Thu, 22 Oct 2026 07:13 AM IST
सार
गोल्डमैन सैक्स के अनुमान के मुताबिक, अगले 2 से 5 साल में एआई कंपनियों के IPO भारतीय शेयर बाजार के पूंजीकरण में 50 से 100 अरब डॉलर जोड़ सकते हैं। जानिए किन कंपनियों की लिस्टिंग की संभावना है।
विज्ञापन
आईपीओ (प्रतीकात्मक)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, भारत का उभरता एआई इकोसिस्टम अगले 2 से 5 साल में शेयर बाजार के कुल पूंजीकरण में 50 अरब से 100 अरब डॉलर तक जोड़ सकता है। इसकी वजह एआई कंपनियों के संभावित आईपीओ होंगे। निवेश बैंक के अनुमान के अनुसार मध्यम और अंतिम चरण की करीब 70 निजी एआई कंपनियों में से 25-50% इस अवधि में शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती हैं। इन कंपनियों का औसत मूल्यांकन मौजूदा अनुमानित मूल्य से करीब चार गुना रहने की संभावना है। गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के एआई स्टार्टअप्स में निजी इक्विटी निवेश 2024 के बाद से तीन गुना हो गया है।
विज्ञापन
आईपीओ में इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की बड़ी हिस्सेदारी
गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि संभावित एआई आईपीओ में 66% हिस्सेदारी इन्फ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी मददगार कंपनियों की हो सकती है। एआई का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों की हिस्सेदारी 31% और मुख्य एआई डेवलपर्स की 3% रहने का अनुमान है।
विज्ञापन
बैंक के मुताबिक, इन आईपीओ से भारत के शेयर बाजार में एआई क्षेत्र की विविधता बढ़ेगी। डेटा सेंटर, एंटरप्राइज एआई सेवाओं, क्लाउड, डाटा प्रबंधन, हेल्थकेयर एआई और कंप्यूटर विजन जैसी गतिविधियों से जुड़ी कंपनियों को भी सार्वजनिक बाजार से पूंजी जुटाने का अवसर मिल सकता है।
विज्ञापन
84 कंपनियों की पहचान
गोल्डमैन सैक्स ने 84 निजी कंपनियों को प्राइवेट एआई कंटेंडर्स के रूप में चिन्हित किया है। इनका संयुक्त अनुमानित मौजूदा मूल्य 55 अरब डॉलर है। इन कंपनियों ने 2025 से भारत में एआई से जुड़े कुल निजी निवेश का करीब 40% हासिल किया है।