{"_id":"6771036244569f5d6c05a37a","slug":"ai-has-potential-to-aid-cartelization-fair-competition-integral-for-sustainable-growth-says-cci-chief-2024-12-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"CCI: 'एआई से कार्टेलाइजेशन बढ़ने की आशंका, विकास के लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा जरूरी', सीसीआई प्रमुख का बयान","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
CCI: 'एआई से कार्टेलाइजेशन बढ़ने की आशंका, विकास के लिए निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा जरूरी', सीसीआई प्रमुख का बयान
Sun, 29 Dec 2024 01:46 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 29 Dec 2024 01:46 PM IST
सार
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई), बाजार में गलत व्यावसायिक प्रथाओं पर रोक लगाने काम करता है। सीसीआई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और प्रतिस्पर्धा पर भी अध्ययन शुरू किया है, जिसके 2025 के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
सीसीआई प्रमुख रवनीत कौर
- फोटो : एक्स/रवनीत कौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रतिस्पर्धा आयोग की प्रमुख रवनीत कौर ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से कार्टेलाइजेशन (गुटबंदी) बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि पूर्वानुमानित एल्गोरिदम से कार्टेलाइजेशन में मदद मिल सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीसीआई ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर फोकस कर रहा है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिले और एल्गोरिदम संबंधी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
बाजार पर नियंत्रण और गुटबंदी को बढ़ावा दे सकती है एआई
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई), बाजार में गलत व्यावसायिक प्रथाओं पर रोक लगाने काम करता है। सीसीआई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और प्रतिस्पर्धा पर भी अध्ययन शुरू किया है, जिसके 2025 के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है। इस अध्ययन में लॉजिस्टिक्स और एल्गोरिदम के क्षेत्र में एआई सहित विभिन्न तत्वों पर विचार किया जाएगा। सीसीआई प्रमुख ने कहा कि केवल एल्गोरिदम का उपयोग प्रतिस्पर्धा-विरोधी नहीं हो सकता है, लेकिन अगर एल्गोरिदम में हेरफेर किया जाता है, तो यह प्रतिस्पर्धा का मुद्दा है।
डोमेन विशेषज्ञों की भर्ती कर रहा सीसीआई
सीसीआई प्रमुख रवनीत कौर ने कहा कि हमारा ध्यान ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर है जो नवाचार को बढ़ावा देते हुए एल्गोरिदमिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करे। सीसीआई नियामक नए युग के बाजारों से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं को बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। हाल ही में, नियामक की इन-हाउस डिजिटल मार्केट्स एंड डेटा यूनिट (DMDU) को एक पूर्ण डिजिटल मार्केट्स डिवीजन (DMD) में अपग्रेड किया गया, जिसका नेतृत्व एक सलाहकार करता है। नियामक प्रौद्योगिकी परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और इस बीच सीसीआई प्रतिस्पर्धा का आकलन करने के लिए अधिक डोमेन विशेषज्ञों की भर्ती करने की भी योजना बना रहा है।
विज्ञापन
बड़ी तकनीकी और ई-कॉमर्स कंपनियों से मिल रही चुनौती
कौर ने कहा, 'एआई, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल मार्केट जैसे क्षेत्रों में डोमेन विशेषज्ञों की भर्ती प्राथमिकता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सीसीआई भविष्य के लिए तैयार रहे और तेजी से विकसित हो रही प्रौद्योगिकियों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए अच्छी तरह से तैयार रहे। उन्होंने कहा कि बड़ी तकनीक और ई-कॉमर्स अपने विशाल पैमाने, जटिल पारिस्थितिकी तंत्र और तेजी से नवाचार के कारण बेहद चुनौतियां पेश करते हैं। हालांकि, सीसीआई एक मजबूत नियामक ढांचे के साथ इनसे पार पाने की कोशिश कर रहा है। सीसीआई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में, सीसीआई को 50 एंटी-ट्रस्ट सूचनाएं प्राप्त हुईं, इनमें से 33 मामलों में कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण के संबंध में आदेश पारित किए गए और 101 संयोजनों को निपटाया गया।
विज्ञापन
बाजार पर नियंत्रण और गुटबंदी को बढ़ावा दे सकती है एआई
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई), बाजार में गलत व्यावसायिक प्रथाओं पर रोक लगाने काम करता है। सीसीआई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और प्रतिस्पर्धा पर भी अध्ययन शुरू किया है, जिसके 2025 के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है। इस अध्ययन में लॉजिस्टिक्स और एल्गोरिदम के क्षेत्र में एआई सहित विभिन्न तत्वों पर विचार किया जाएगा। सीसीआई प्रमुख ने कहा कि केवल एल्गोरिदम का उपयोग प्रतिस्पर्धा-विरोधी नहीं हो सकता है, लेकिन अगर एल्गोरिदम में हेरफेर किया जाता है, तो यह प्रतिस्पर्धा का मुद्दा है।
विज्ञापन
डोमेन विशेषज्ञों की भर्ती कर रहा सीसीआई
सीसीआई प्रमुख रवनीत कौर ने कहा कि हमारा ध्यान ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर है जो नवाचार को बढ़ावा देते हुए एल्गोरिदमिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करे। सीसीआई नियामक नए युग के बाजारों से पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं को बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। हाल ही में, नियामक की इन-हाउस डिजिटल मार्केट्स एंड डेटा यूनिट (DMDU) को एक पूर्ण डिजिटल मार्केट्स डिवीजन (DMD) में अपग्रेड किया गया, जिसका नेतृत्व एक सलाहकार करता है। नियामक प्रौद्योगिकी परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और इस बीच सीसीआई प्रतिस्पर्धा का आकलन करने के लिए अधिक डोमेन विशेषज्ञों की भर्ती करने की भी योजना बना रहा है।
विज्ञापन
बड़ी तकनीकी और ई-कॉमर्स कंपनियों से मिल रही चुनौती
कौर ने कहा, 'एआई, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल मार्केट जैसे क्षेत्रों में डोमेन विशेषज्ञों की भर्ती प्राथमिकता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सीसीआई भविष्य के लिए तैयार रहे और तेजी से विकसित हो रही प्रौद्योगिकियों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए अच्छी तरह से तैयार रहे। उन्होंने कहा कि बड़ी तकनीक और ई-कॉमर्स अपने विशाल पैमाने, जटिल पारिस्थितिकी तंत्र और तेजी से नवाचार के कारण बेहद चुनौतियां पेश करते हैं। हालांकि, सीसीआई एक मजबूत नियामक ढांचे के साथ इनसे पार पाने की कोशिश कर रहा है। सीसीआई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में, सीसीआई को 50 एंटी-ट्रस्ट सूचनाएं प्राप्त हुईं, इनमें से 33 मामलों में कथित प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण के संबंध में आदेश पारित किए गए और 101 संयोजनों को निपटाया गया।