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Adani-Hindenburg Row: जांच के लिए छह महीने और समय देने की सेबी की अपील का विरोध, PIL याचिकाकर्ता कोर्ट पहुंचा

Wed, 03 May 2023 05:32 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 03 May 2023 05:32 PM IST
सार

Adani-Hindenburg Row: सेबी को हिंडनबर्ग मामले की जांच करने के लिए मिले दो महीने का समय दो मई को समाप्त हो गया है। शीर्ष अदालत ने दो मार्च को सेबी से दो महीने के भीतर मामले की जांच करने और भारतीय निवेशकों की सुरक्षा पर गौर करने के लिए एक समिति गठित करने को कहा था।

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Adani-Hindenburg row: PIL petitioner moves SC, opposes SEBI's plea for extension of time to complete probe
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक जनहित याचिकाकर्ता ने अदाणी समूह में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए सेबी को और छह महीने का समय देने से जुड़ी का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने हाल ही में शीर्ष अदालत में एक आवेदन दायर कर वित्तीय गड़बड़ी, नियमों को दरकिनार करने और लेन-देन की धोखाधड़ी से संबंधित संभावित उल्लंघनों का पता लगाने के लिए और छह महीने का समय देने की बात कही थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए सेबी को दो महीने का दिया था समय

सेबी को इस मामले की जांच करने के लिए मिले दो महीने का समय दो मई को समाप्त हो गया है। शीर्ष अदालत ने दो मार्च को सेबी से दो महीने के भीतर मामले की जांच करने और भारतीय निवेशकों की सुरक्षा पर गौर करने के लिए एक समिति गठित करने को कहा था।

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जनहित याचिका दायर करने वाले शख्स विशाल तिवारी ने मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष एक आवेदन दायर कर सेबी की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इससे जांच लंबी खिंचेगी और अत्यधिक देरी होगी।

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याचिकाकर्ता का आरोप- सेबी ने यह तक नहीं बताया कि पड़ताल के लिए किसे नियुक्त किया गया

याचिकाकर्ता ने कहा सेबी ने मामला सामने आने के बाद अदालत के निर्देश से पहले ही जांच शुरू कर दी थी। उनकी ओर से कोर्ट में यह बात कही गई थी। ऐसे में जब सेबी पहले से ही मामले की जांच कर रही थी उसके पास मामले से जुड़े रिकॉर्ड्स और डेटा होने चाहिए। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि सेबी ने अपनी अपील में यह भी नहीं बताया है कि उनकी ओर से इस मामले की पड़ताल के लिए किसे नियुक्त किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 10 फरवरी को कहा था निवेशकों के हितों की रक्षा जरूरी

अदालत की ओर से नियुक्त न्यायमूर्ति सप्रे पैनल को केंद्र और सेबी अध्यक्ष सहित अन्य वैधानिक एजेंसियों की ओर से सहायता प्रदान की जानी है। शीर्ष अदालत ने 10 फरवरी को कहा था कि अदाणी समूह के शेयरों में गिरावट की पृष्ठभूमि में बाजार में उतार-चढ़ाव से भारतीय निवेशकों के हितों की रक्षा करने की जरूरत है। अदालत ने केंद्र से कहा था कि वे नियामकीय तंत्र को मजबूत करने के लिए एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेषज्ञों का एक पैनल गठित करने पर विचार करे। केंद्र ने नियामकीय व्यवस्थाओं पर गौर करने के लिए उच्चतम न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के शीर्ष अदालत के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। मुद्दे पर शीर्ष अदालत में वकील एमएल शर्मा और विशाल तिवारी, कांग्रेस नेता जया ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता होने का दावा करने वाले मुकेश कुमार ने चार जनहित याचिकाएं दायर की हैं।

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