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अडाणी एग्री फ्रेश: किसानों से खरीदा 2500 टन सेब, मंडियों की तुलना में अधिक कीमतों की पेशकश
Fri, 03 Sep 2021 04:05 PM IST
डिंपल अलावाधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Fri, 03 Sep 2021 04:05 PM IST
सार
अडाणी एग्री फ्रेश ने तीन दिनों में किसानों से 2,500 टन सेब खरीदा। कंपनी किसानों को बेहतर सौदे दे रही है।
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अडाणी एग्री फ्रेश
- फोटो : https://adanienterprises.com/
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विस्तार
अडाणी समूह की कंपनी अडाणी एग्री फ्रेश ने इस साल खरीद सीजन के पहले तीन दिनों के भीतर किसानों से करीब 2,500 टन सेब खरीदा है। कंपनी को किसानों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। ऐसा इसलिए क्योंकि अडाणी एग्री फ्रेश ने किसानों को मंडियों की तुलना में अधिक कीमतों की पेशकश की। अडाणी एग्री फ्रेश शिमला जिले में 'नियंत्रित वातावरण सुविधाओं' के माध्यम से सेब खरीदती है और ब्रांड नाम के तहत इसे बढ़ावा देती है।
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मालूम हो कि सेब खरीद सीजन पिछले सप्ताह शुरू हुआ था। यह अक्तूबर के अंत तक चलेगा। इस संदर्भ में हिमाचल प्रदेश में अडाणी एग्री फ्रेश के अधिकारी ने कहा कि खरीद सीजन के पहले ही दिन उन्हें करीब 1,000 टन सेब प्राप्त हुए, जबकि पिछले वर्षों में लगभग 300 टन सेब प्राप्त हुए थे। अडाणी एग्री फ्रेश सेब की खरीब प्रति किलोग्राम के आधार पर करती है और फिर इसे मंडियों में प्रति बॉक्स बेचा जाता है। किसान बॉक्स के आकार के बजाय प्रति किलोग्राम के लिए रिटर्न पाकर खुश हैं।
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किसानों को बेहतर सौदे दे रही है कंपनी
कुछ मीडिया हाउस की रिपोर्ट में कहा गया था कि अडाणी एग्री फ्रेश ने इस सीजन में सेब की खरीद कीमतों को कम कर दिया है। इसके बाद अडाणी एग्री फ्रेश पर राजनेताओं के एक वर्ग ने हमला बोला। हालांकि कंपनी के अधिकारी ने मामले में कहा कि मंडियां अपनी सेब खरीद कीमतों को बढ़ाने के लिए मजबूर हैं। कंपनी किसानों को बेहतर सौदे दे रही है। उन्होंने कहा कि, 'अडाणी एग्री फ्रेश ने बाजार और किसानों के हितों के अनुरूप खरीद मूल्य निर्धारित किया है।'
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किसानों ने अडाणी एग्री फ्रेश को आपूर्ति करना रखा जारी
मीडिया रिपोर्ट्स और राजनेताओं द्वारा आलोचना का खंडन करते हुए एक अधिकारी ने कहा कि, सेब व्यापार में सैकड़ों व्यापारी, कमीशन एजेंट और अन्य बिचौलिए हैं और यह किसानों की पसंद है जिन्हें वे अपनी उपज बेचना चाहते हैं। उन्होंने अडाणी एग्री फ्रेश को आपूर्ति करना जारी रखा है, जो उन्हें मंडियों की तुलना में अधिक कीमतों की पेशकश करती है। जिन स्थानों में सेब की कीमतें कम हुई हैं, वहां प्रति किलोग्राम भुगतान के अलावा, मूल्य निर्धारण के लिए प्रामाणिक छंटाई और ग्रेडिंग भी प्रदान किया जाता है। इससे किसानों को बहुत लाभ होता है।
फसल काटने से पहले और बाद में परामर्श सुविधा मुहैया कराती है कंपनी
अडाणी एग्री फ्रेश ने लगभग 15 साल पहले हिमाचल प्रदेश में सेब के व्यापार में प्रवेश किया और यह 700 गांवों में फैली शिमला, किन्नौर और कुल्लू घाटियों के 17,000 से अधिक किसानों से संबंधित है। कंपनी किसान को फसल काटने से पहले और बाद में सलाह देती है।