रिपोर्ट: एसी-रसोई उपकरण और तांबे के बर्तन होंगे महंगे, कंपनियां बढ़ी लागत ग्राहकों पर डालने की तैयारी में
तांबे की कीमत रिकॉर्ड 12,000 डॉलर प्रति टन तक पहुंचने से घरेलू उपकरण, रसोई बर्तन और स्नानघर की वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। वंडरशेफ के सीईओ रवि सक्सेना ने कहा कि तांबे व एल्युमीनियम की कीमतों में तेजी के कारण उत्पादों में 5-7% की बढ़ोतरी होगी। यह घरेलू उपकरण उद्योग पर लागत और मार्जिन का दबाव बढ़ा रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एयर कंडीशनर, रसोई के उपकरण, स्नानघर या तांबे के बर्तन खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को नए साल में अधिक खर्च करना पड़ेगा। हाल के महीनों में तांबे की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है। इससे कंपनियों का इनपुट लागत बढ़ गया है। पिछले महीने तांबे की कीमत रिकॉर्ड 12,000 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई। यह 2009 के बाद से सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि है। कंपनियां लाभ मार्जिन को बनाए रखने के लिए बढ़ी हुई लागत ग्राहकों पर डालने की तैयारी कर रही हैं।
तांबे की कीमतों में वृद्धि से घरेलू उपकरणों, रसोई के बर्तनों व स्नानघर जैसी श्रेणियों में कीमतों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, क्योंकि तांबा व पीतल जैसी संबंधित सामग्रियां इन उद्योगों के कच्चे माल का प्रमुख हिस्सा हैं। तांबे की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव स्थानीय कीमतों को सीधे प्रभावित करते हैं। तांबे और एल्युमीनियम की हालिया कीमतों में तेजी से उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं की लागत पर दबाव बढ़ गया है।
कुकवेयर ब्रांड के वंडरशेफ के सीईओ ने क्या कहा?
कुकवेयर ब्रांड वंडरशेफ के सीईओ रवि सक्सेना ने कहा, तांबे और एल्युमीनियम की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के कारण हम घरेलू उपकरण और कुकवेयर श्रेणी में कीमतों में 5-7 फीसदी की वृद्धि करेंगे। तांबा न्यूट्री-ब्लेंड व मिक्सर ग्राइंडर के लिए अहम सामग्री है। ऊंची कीमतों से पूरे घरेलू उपकरण उद्योग में मार्जिन पर दबाव पड़ रहा है।
1,300 रुपये प्रति किलो पहुंचा भाव
घरेलू तांबे की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर शुक्रवार शाम तांबा 1,300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। पीतल के दाम में भी वृद्धि हुई है। इससे बाथवेयर सेगमेंट प्रभावित हुआ है, सोमानी बाथवेयर के प्रमुख श्रीवत्स सोमानी ने कहा, चालू वित्त वर्ष में पीतल की कीमत में 15 से 18 फीसदी की वृद्धि हुई है। कंपनियां एक सीमा से अधिक बढ़ी लागत वहन नहीं कर सकतीं। पहली दो तिमाहियों में बाथवेयर उद्योग ने पहले ही कीमतों में 12 फीसदी की वृद्धि कर दी है।
10700 डॉलर के पार हो सकती है कीमत
गोल्डमैन सैश के विश्लेषकों ने 11 दिसंबर को जारी एक नोट में कहा, आपूर्ति में व्यवधान, नीतिगत बदलाव और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े बढ़ते खर्च ने भी इसमें भूमिका निभाई है।
n 2026 की पहली छमाही में लंदन मेटल एक्सचेंज में तांबे की औसत कीमत 10,710 डॉलर प्रति टन रहेगी। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के बिजनेस हेड कमल नंदी ने कहा, एसी श्रेणी की इनपुट लागत पर 8-10 फीसदी की वृद्धि हुई है। इससे एसी के दाम 7-8 फीसदी बढ़ेंगे।
अन्य वीडियो