ट्विटर पर छिड़ी बहस: महिला उद्योगपति को निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा ई-सिगरेट पर बैन की घोषणा के बाद शीर्ष महिला उद्योगपतियों में शुमार किरण मजूमदार शॉ ने सवाल उठाया है। शॉ ने ट्वीट कर कहा है कि ई-सिगरेट को बैन करने की घोषणा स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से क्यों नहीं हुई।
E-cigarettes banned, says Finance Minister Nirmala Sitharaman - Shd this not come from Min of Health? How about banning gutka too? How about MoF announcing some fiscal measures to revive economy? https://t.co/9c4hpRlUUD
— Kiran Mazumdar Shaw (@kiranshaw) September 18, 2019विज्ञापन
निर्मला सीतारमण ने दिया जवाब
इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शॉ के ट्वीट का जवाब दिया और कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर मंत्रिसमूह की चेयरमैन होने के नाते ई-सिगरेट पर प्रतिबंध का एलान किया है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर हर्षवर्धन एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए देश से बाहर हैं।'
Kiran ji, a few things. This press conference was dedicated to Cabinet decisions. I began by saying that I was there in my capacity as Chair of the GoM which has dealt with the matter. @drharshvardhan is out of country for an international meet. 1/3 https://t.co/oL1UXPqEvJ
— Nirmala Sitharaman (@nsitharaman) September 19, 2019
इसके साथ ही उन्होंने जवाब में यह भी कहा कि उनके साथ सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी थे। इतना ही नहीं, अधिक विवरण देने के लिए स्वास्थ्य सचिव भी वहां मौजूद थीं। वित्त मंत्री ने महिला उद्योगपति से कहा कि ये सभी प्रोटोकॉल का हिस्सा है, जिसका पालन सरकार की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया जाता है।
Cabinet Minister/s join @PrakashJavdekar, the I&B Minister, when required. Health Secretary was also with me, explaining details. These are protocols, as you know, which govt press conferences follow. 2/3
— Nirmala Sitharaman (@nsitharaman) September 19, 2019
ई-सिगरेट पर बैन के लिए अध्यादेश जारी
बता दें कि सरकार ने इलेक्ट्रानिक सिगरेट यानी ई- सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, भंडारण, प्रचार और आयात- निर्यात को प्रतिबंधित करने के लिए गुरुवार को एक अध्यादेश जारी कर दिया है। इसका उल्लंघन करने वाले को जेल की सजा हो सकती है और जुर्माना लग सकता है।
पांच लाख तक का लग सकता है जुर्माना
अध्यादेश के अनुसार, पहली बार इसका उल्लंघन करने वालों को एक साल तक की सजा होगी और एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा। इस प्रतिबंध का लगातार उल्लंघन करने वालों को तीन साल तक की सजा हो सकती है या पांच लाख रुपये का जुर्माना भी हो सकता है या दोनों सजाएं साथ हो सकती हैं।
निर्मला सीतारमण ने की थी घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा था कि मंत्रिमंडल ने ई-सिगरेट पर रोक लगाने का निर्णय किया है। इसमें ई सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, भंडारण सभी पर पूरी तरह रोक होगी।
युवाओं को खतरा
सीतारमण उस मंत्री समूह (जीओएम) की अध्यक्ष रही हैं जिसने ई-सिगरेट पर प्रतिबंध के संबंध में विचार किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने ई-सिगरेट और इस तरह के अन्य उत्पादों को प्रतिबंधित करने का फैसला किया है जिनसे लोगों के स्वास्थ्य को खास तौर पर युवाओं को खतरा है।