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Credit Card: दूसरे देश में क्रेडिट कार्ड के खर्च पर देना होगा 20 फीसदी टीसीएस, सरकार ने बदला नियम
Thu, 18 May 2023 09:16 PM IST
अभिषेक दीक्षित
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 18 May 2023 09:16 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने गुरुवार को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के नियमों को संशोधित किया है। इसके बाद एक अधिसूचना में सरकार ने कहा कि भारत से बाहर क्रेडिट कार्ड से खर्च की गई रकम को लिब्रराइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) में लाया जा रहा है।
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Credit Card
- फोटो : iStock
विस्तार
विदेश में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। सरकार ने इससे जुड़े नियम में बदलाव किया है। अब आप दूसरे देशों में क्रेडिट कार्ड से जो भी खर्च करेंगे, उस पर 20 फीसदी टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (टीसीएस) देना होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सलाह के बाद सरकार ने इन बदलावों को हरी झंडी दे दी है। नए नियम एक जुलाई से लागू होगा।
केंद्र सरकार ने गुरुवार को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के नियमों को संशोधित किया है। इसके बाद एक अधिसूचना में सरकार ने कहा कि भारत से बाहर क्रेडिट कार्ड से खर्च की गई रकम को लिब्रराइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) में लाया जा रहा है। सरकार ने बजट 2023 में विदेशी टूर पैकेज और एलआरएस की टीसीएस की मौजूदा दर 5% से बढ़ाकर 20% कर दिया था। शिक्षा और मेडिकल खर्चों को छोड़कर नई दर दर 1 जुलाई 2023 से लागू होगी। हालांकि, टीसीएस आप टैक्स रिटर्न में क्लेम कर सकते हैं।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड से विदेश में होने वाला खर्च उदारीकृत धन-प्रेषण योजना (एलआरएस) के दायरे में लाने के लिए फेमा कानून में बदलाव करने का मकसद डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड से भेजी गई राशि के कर संबंधी पहलुओं में समानता लाना है। इससे विदेश में खर्च की गई राशि पर लागू दरों पर ‘स्रोत पर कर संग्रह’ (टीसीएस) किया जा सकेगा।
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अगर टीसीएस देने वाला व्यक्ति करदाता है तो वह अपने आयकर या अग्रिम कर देनदारियों के एवज में क्रेडिट या समायोजन का दावा कर सकता है। इस साल के बजट में विदेशी टूर पैकेज एवं एलआरएस के तहत विदेश भेजे गए पैसे पर टीसीएस को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया था। नई कर दर एक जुलाई से प्रभावी होगी।
इससे पहले वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को विदेशी मुद्रा प्रबंधन (चालू खाता लेनदेन) संशोधन नियम, 2023 अधिसूचित किया था। एलआरएस के तहत एक व्यक्ति आरबीआई की अनुमति के बिना भी एक वित्त वर्ष में अधिकतम 2.5 लाख डॉलर विदेश भेज सकता है।
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केंद्र सरकार ने गुरुवार को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के नियमों को संशोधित किया है। इसके बाद एक अधिसूचना में सरकार ने कहा कि भारत से बाहर क्रेडिट कार्ड से खर्च की गई रकम को लिब्रराइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) में लाया जा रहा है। सरकार ने बजट 2023 में विदेशी टूर पैकेज और एलआरएस की टीसीएस की मौजूदा दर 5% से बढ़ाकर 20% कर दिया था। शिक्षा और मेडिकल खर्चों को छोड़कर नई दर दर 1 जुलाई 2023 से लागू होगी। हालांकि, टीसीएस आप टैक्स रिटर्न में क्लेम कर सकते हैं।
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वित्त मंत्रालय ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट कार्ड से विदेश में होने वाला खर्च उदारीकृत धन-प्रेषण योजना (एलआरएस) के दायरे में लाने के लिए फेमा कानून में बदलाव करने का मकसद डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड से भेजी गई राशि के कर संबंधी पहलुओं में समानता लाना है। इससे विदेश में खर्च की गई राशि पर लागू दरों पर ‘स्रोत पर कर संग्रह’ (टीसीएस) किया जा सकेगा।
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अगर टीसीएस देने वाला व्यक्ति करदाता है तो वह अपने आयकर या अग्रिम कर देनदारियों के एवज में क्रेडिट या समायोजन का दावा कर सकता है। इस साल के बजट में विदेशी टूर पैकेज एवं एलआरएस के तहत विदेश भेजे गए पैसे पर टीसीएस को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया था। नई कर दर एक जुलाई से प्रभावी होगी।
इससे पहले वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को विदेशी मुद्रा प्रबंधन (चालू खाता लेनदेन) संशोधन नियम, 2023 अधिसूचित किया था। एलआरएस के तहत एक व्यक्ति आरबीआई की अनुमति के बिना भी एक वित्त वर्ष में अधिकतम 2.5 लाख डॉलर विदेश भेज सकता है।