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बजट 2020 : लॉजिस्टिक कीमतें ज्यादा घटाने के लिए लाएंगे पॉलिसी

Sun, 02 Feb 2020 05:55 AM IST
गौरव पाण्डेय बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 02 Feb 2020 05:55 AM IST
सार

  • आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने को सरकार की जलीय परिवहन पर नजर
  • लॉजिस्टिक की कीमतों को 14 फीसदी से घटाकर 9 फीसदी तक लाने का लक्ष्य
  • एक बड़े बंदरगाह का निगमीकरण कर शेयर बाजार में लिस्ट कराया जाएगा

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Budget 2020: policies will be brought to make Logistics prices less
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में घोषणा की है कि सरकार शीघ्र ही नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी लाएगी। इसके तहत ई-लॉजिस्टिक मार्केट एकल खिड़की की स्थापना की जाएगी। साथ ही रोजगार सृजन और लघु-मध्यम उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। इस पॉलिसी में केंद्र, राज्यों और प्रमुख नियामकों की भूमिका को भी स्पष्ट बनाया जाएगा। 

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वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार वैश्विक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए लॉजिस्टिक कीमतों को नीचे लाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही है। भारत में लॉजिस्टिक कीमतें जीडीपी के 14 फीसदी के बराबर है जो अन्य देशों की तुलना में काफी ज्यादा है। आने वाले वर्षों में इसे 9 फीसदी तक लाने का लक्ष्य है।

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बंदरगाहों की क्षमता में सुधार से बढे़गी आर्थिक गतिविधि

आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की जलीय परिवहन पर नजर है। देश में बंदरगाहों की कार्य क्षमता सुधारने के लिए केंद्र सरकार कार्ययोजना बनाएगी। इसके तहत कम से कम एक बड़े बंदरगाह का निगमीकरण कर उसे शेयर बाजार में लिस्ट कराया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार मशीनीकरण, डिजिटाइजेशन और कार्यप्रणाली में सरलीकरण के माध्यम से बंदरगाहों की परिचालन क्षमता में सुधार के लिए लगातार काम कर रही है। इससे हमारे बंदरगाहों के कार्य प्रदर्शन में सुधार आया है और सरकार कार्य क्षमता को और बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है। 

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देश में बड़े बंदरगाहों की माल परिवहन की स्थापित क्षमता मार्च 2019 में 1514.09 मिलियन टन प्रतिवर्ष थी, जबकि 2018-19 में 699.09 एमटी माल का परिवहन हुआ। देश में 12 बड़े बंदरगाह हैं। इनमें दीनदयाल (पूर्व में कांदला), मुंबई, जेएनपीटी, मार्मागोवा, न्यू मंगलौर, कोचिन, चेन्नई, कामराजार (पूर्व में एन्नोर), वीओ चिदंबरनार, विशाखापट्टनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया सहित) शामिल हैं। इन बंदरगाहों पर अप्रैल-दिसंबर 2019 में कार्गो की आवाजाही 524.02 एमटी रही जो पिछले साल इसी अवधि की तुलना में 0.98 फीसदी अधिक थी।

असम तक जाएगा राष्ट्रीय जलमार्ग-1

वित्तमंत्री ने कहा कि पिछले पांच सालों में अंतरदेशीय जलमार्गों के विकास में तेजी आई है। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर जल विकास मार्ग पूर्ण किया जाएगा। वर्ष 2022 तक इसे असम में ढुबरी-सादिया से जोड़ा जाएगा जो 890 किलोमीटर लंबा होगा। उन्होंने नदियों के किनारे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अर्थ गंगा योजना का भी जिक्र किया।

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