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चांदी कराएगी चांदी: अगली दिवाली तक 71% तक बढ़ सकती हैं कीमतें: रिपोर्ट में लगाए अनुमान को जान हैरान होंगे आप

Thu, 24 Sep 2026 06:12 AM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: प्रशांत तिवारी Updated Thu, 24 Sep 2026 06:12 AM IST
सार

केडिया एडवाइजरी की दिवाली 2027 सिल्वर रिपोर्ट के मुताबिक, औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी और सीमित खनन आपूर्ति के चलते चांदी में तेजी की संभावना है। रिपोर्ट में अगले छह महीनों में अंतरराष्ट्रीय कीमत 85-90 डॉलर और दिवाली 2027 तक 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।

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Silver prices could rise by up to 71% by next Diwali the projections in the report will surprise you
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

त्योहारी सीजन और शादियों के मौसम से पहले अगर आप निवेश का सुरक्षित और मुनाफे वाला विकल्प तलाश रहे हैं, तो कीमती धातुओं में चांदी इस बार निवेशकों को मालामाल करने का दम दिखा रही है। केडिया एडवाइजरी की ताजा दिवाली 2027 सिल्वर रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग में भारी उछाल और खदानों से सीमित आपूर्ति के कारण चांदी के तेवर आने वाले दिनों में और तीखे होने वाले हैं।

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छह महीने में 90 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान
रिपोर्ट के अनुसार, चांदी के अंतरराष्ट्रीय बाजार भावों में आने वाले महीनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के भाव अगले छह महीनों में 85 से 90 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान है। अभी कॉमेक्स पर चांदी का भाव 65 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना हुआ है।
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दिवाली 2027 तक 120 डॉलर का लक्ष्य
दीवाली 2027 तक चांदी का अंतरराष्ट्रीय भाव 120 डॉलर प्रति औंस के लक्ष्य को छू सकता है। मुद्रा (रुपये-डॉलर के उतार-चढ़ाव), आयात शुल्क और प्रीमियम के गणित को देखें तो सितंबर 2026 के लगभग 2.34 लाख रुपये प्रति किलो के बेंचमार्क भाव से बढ़कर घरेलू बाजार में चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक जा सकती है, जो मौजूदा भाव से करीब 71 फीसदी की बड़ी तेजी का संकेत है।
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तेजी के पीछे ये हैं प्रमुख कारण
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का मानना है कि इस बार चांदी की तेजी केवल धारणा पर आधारित नहीं है, बल्कि इसके पीछे मजबूत आर्थिक और औद्योगिक कारण हैं।

लगातार छठे साल चांदी की कमी
2026 में वैश्विक स्तर पर चांदी की मांग और आपूर्ति के बीच 4.63 करोड़ औंस का भारी घाटा रहने का अनुमान है। यह लगातार छठा साल है जब वैश्विक बाजार में चांदी की कमी बनी हुई है।


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खदानों से उत्पादन बढ़ाना आसान नहीं
चांदी की कीमतें ऊंची होने के बावजूद खदानों से इसका उत्पादन तेजी से नहीं बढ़ रहा है। 2026 में उत्पादन घटकर 84.41 करोड़ औंस रहने का अनुमान है। इसकी वजह यह है कि कुल चांदी उत्पादन का केवल एक-चौथाई हिस्सा ही प्राथमिक खदानों से आता है, बाकी तांबा, जस्ता और सीसा खनन के उप-उत्पाद के रूप में निकलता है।

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