सख्ती: ऑनलाइन विस्फोटक बेचने वालों पर शिकंजा, जानिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई का क्या है पूरा प्लान
- 7 कंपनियां जांच के दायरे में
- तीन पर 10-10 लाख का जुर्माना
विस्तार
दिवाली के त्योहारी सीजन और देश की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए केंद्र सरकार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के जरिए धड़ल्ले से बेचे जा रहे खतरनाक विस्फोटकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। उपभोक्ता मामले विभाग की गहन जांच के दौरान सात बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के नाम सामने आए हैं, जो नियमों को ताक पर रखकर ऑनलाइन विस्फोटक सामग्री बेच रही थीं। सरकार की सख्ती के बाद इन कंपनियों ने अपने पोर्टल से करीब 3,940 ऐसे उत्पादों को हटा दिया है।
किन खतरनाक पदार्थों की हो रही थी बिक्री?
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के मुताबिक कुछ प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खुलेआम अमोनियम नाइट्रेट, पीईटीएन, पिक्रिक एसिड और गनपाउडर जैसे खतरनाक व नियंत्रित विस्फोटक बेचे जा रहे थे। सीसीपीए की कड़ी आपत्ति है कि ये ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विस्फोटक बेचने से पहले न तो विक्रेता का पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन का लाइसेंस प्रदर्शित करते थे और न ही खरीदार की पहचान व उसके लाइसेंस की वैधता की जांच करते थे। इससे ये घातक सामग्रियां आम लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध हो रही थीं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और जन-जीवन के लिए बड़ा खतरा है।
कार्रवाई के दायरे में आईं 7 प्रमुख कंपनियां
जांच के बाद जिन सात प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों/प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की गई है, उनमें शामिल हैं:
- इंडियामार्ट
- ट्रेडइंडिया
- डायल4ट्रेड
- जस्टडायल
- सिग्मा-अल्ड्रिच इंडिया
- एक्सपोर्टर्सइंडिया
- आईबायकेमिकल्स
इन सभी कंपनियों ने प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अपने प्लेटफॉर्म से विस्फोटक उत्पादों की लिस्टिंग को तुरंत हटा लिया है।
तीन कंपनियों पर लगा 10-10 लाख रुपए का जुर्माना
- सरकार ने केवल उत्पाद हटाने तक ही सीमित न रहकर नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर आर्थिक दंड भी लगाया है। डायल4ट्रेड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड पर अमोनियम नाइट्रेट बेचने के मामले में 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। 1 सितंबर 2026 को अंतिम आदेश जारी हुआ। कंपनी द्वारा इस आदेश के खिलाफ राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में दायर अपील को आयोग ने शुरुआती चरण में ही खारिज कर दिया।
- एक्सपोर्टर्सइंडिया लिमिटेड पर भी अमोनियम नाइट्रेट और पीईटीएन बेचने के मामले में 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। इस मामले में एनसीडीआरसी में अपील दायर है।
- एक्सपोर्टर्सइंडिया लिमिटेड पर पिक्रिक एसिड उत्पाद बेचने के लिए अलग से 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इस पर भी एनसीडीआरसी में अपील विचाराधीन है।
अभी और कड़ी कार्रवाई के संकेत
उपभोक्ता सचिव निधि खरे ने साफ किया है कि इन उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री से समाज और सुरक्षा को होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए केवल 10-10 लाख रुपये का जुर्माना पर्याप्त नहीं है। सरकार ने अन्य संबंधित विभागों को भी इन दोषी कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, यानी आने वाले दिनों में इन पर शिकंजा और कस सकता है।