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RegisterKaro ने जीएसटी और ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन को बनाया ऑटोमेटिक, अब बिना भागदौड़ खुद पूरा होगा पहला कदम

Thu, 25 Jun 2026 09:42 AM IST
Anil Vaishya नई दिल्ली
नई दिल्ली Published by: Anil Vaishya Updated Thu, 25 Jun 2026 09:42 AM IST
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RegisterKaro Automates GST and Trademark Registrations to Simplify Business Compliance in India
रजिस्टर करो - फोटो : amarujala.com

देश में कारोबार शुरू करने वाले ज्यादातर लोगों के लिए जीएसटी नंबर लेना या ट्रेडमार्क के लिए आवेदन करना अब तक एक थका देने वाली प्रक्रिया रही है । बिज़नेस रजिस्ट्रेशन और अनुपालन (compliance) सेवाएं देने वाली ऑनलाइन कंपनी RegisterKaro ने इसी शुरुआती हिस्से को बदलने की कोशिश की है। कंपनी ने अपने वेब पोर्टल के जरिए GST और Trademark Registration के लिए एक ऑटोमेटेड (स्वचालित) ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें यूजर खुद ही सेवा शुरू कर सकता है और भुगतान भी कर सकता है।  

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RegisterKaro Private Limited Company Registration सेवा के क्षेत्र में माहिर कंपनी, हर कदम पर किसी कर्मचारी से बार-बार बातचीत की जरूरत नहीं। 

कैसे काम करती है यह नई प्रक्रिया 
इस प्रक्रिया के पीछे सोच बेहद सरल है। यूजर सीधे संबंधित सेवा के पेज पर पहुंचता है: जीएसटी रजिस्ट्रेशन या ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन। यहां कोई फॉर्म भरकर कॉलबैक का इंतजार करने के बजाय, यूजर अपने और अपने कारोबार से जुड़ी कुछ बुनियादी जानकारी भरता है और फिर सीधे प्लेटफॉर्म पर ही भुगतान कर देता है। 
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भुगतान की पुष्टि होते ही आवेदन अपने आप आगे बढ़ जाता है। सिस्टम जानकारी को दर्ज करता है, अनुरोध को रजिस्टर करता है और फाइलिंग की प्रक्रिया शुरू कर देता है। इससे उन तमाम मैनुअल कदमों की संख्या घट जाती है जो आमतौर पर काम को धीमा करते हैं। यूजर के लिहाज से, जो काम पहले कई दिनों और कई बातचीत में पूरा होता था, अब एक ही स्क्रीन पर चंद आसान चरणों में सिमट जाता है। चूंकि अब शुरुआत किसी कर्मचारी द्वारा पूछताछ उठाने पर निर्भर नहीं रहती, इसलिए समय भी बचता है और गलतफहमी की गुंजाइश भी कम हो जाती है। 
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जीएसटी और ट्रेडमार्क क्यों हैं अहम 
जीएसटी रजिस्ट्रेशन और ट्रेडमार्क सुरक्षा किसी भी नए कारोबार के सबसे शुरुआती औपचारिक कदमों में से हैं। जीएसटी रजिस्ट्रेशन कारोबार को एक अनूठा 15 अंकों का GSTIN देता है, जिससे वह कानूनी रूप से कर वसूलने, जमा करने और राज्यों के बीच कारोबार करने का अधिकार पाता है। वहीं ट्रेडमार्क किसी ब्रांड के नाम, लोगो या पहचान की रक्षा करता है । एक ऐसा कदम जिसे उद्यमी अक्सर तब तक टालते रहते हैं जब तक कोई विवाद या निवेश से जुड़ी बातचीत सामने न आ जाए। 

दिलचस्प बात यह है कि अड़चन अक्सर सरकारी पोर्टल नहीं, बल्कि उसके आसपास का तालमेल रहा है: सही दस्तावेज जुटाना, शर्तें समझना और मदद के लिए इंतजार करना। ऑनबोर्डिंग को ऑटोमेट करके RegisterKaro इसी तालमेल वाली परत को आसान बना रहा है। असल आवेदन अब भी आधिकारिक जीएसटी और ट्रेडमार्क सिस्टम पर ही दाखिल होते हैं और योग्य पेशेवर उनकी जांच करते हैं- बदलाव सिर्फ इस बात में है कि प्रक्रिया कहां से और कितनी तेजी से शुरू होती है। 

पांच साल में कहां से कहां पहुंची कंपनी 
RegisterKaro, जो कंपनी इनकॉर्पोरेशन, जीएसटी, ट्रेडमार्क और दूसरी अनुपालन सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध कराता है, की शुरुआत 2021 में बेंगलुरु में हुई थी। इसकी स्थापना 3 CAs जोएल डिसूजा, सिद्धार्थ रविचंद्रन और श्रीहरि धोंडलाय ने की थी, और अब इसका मुख्यालय गुरुग्राम में है। इसका आधिकारिक नाम सेफलेजर प्राइवेट लिमिटेड है। 

महज पांच साल के सफर में यह प्लेटफॉर्म एक छोटे स्टार्टअप से बढ़कर 500 से ज्यादा पेशेवरों, जिनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी और कानूनी विशेषज्ञ शामिल हैं, और देशभर में 50,000 से ज्यादा ग्राहकों को सेवाएं दे चुका है। कंपनी का खास ध्यान टियर-2 और टियर-3 शहरों के उन उद्यमियों पर रहा है, जिन्हें अक्सर भरोसेमंद और किफायती पेशेवर मदद आसानी से नहीं मिल पाती। 


उद्यमियों के लिए इसका मतलब 
जैसे-जैसे देश के ज्यादा से ज्यादा कारोबार ऑनलाइन आ रहे हैं और डिजिटल भुगतान आम होता जा रहा है, सरकारी सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर भी लोगों की उम्मीदें बदल रही हैं। अब लोग ऐसी सुविधा चाहते हैं जो ऐप पर तुरंत मिले और दफ्तर के समय की पाबंदी से मुक्त हो। किसी छोटे कारोबारी के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि जो काम पहले कई दिन और कई बातचीत मांगता था, उसे अब रात-दिन कभी भी, अपने फोन या लैपटॉप से खुद शुरू किया जा सकता है। पेशेवर अब भी आवेदनों की जांच और फाइलिंग करते हैं; फर्क सिर्फ इतना है कि यह सफर अब एक आसान, स्वचालित पहले कदम से शुरू होता है।

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