फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Bonus ›   50 Lakh Retirement Fund How to Construct Portfolio investment plan must consider inflation and taxes

50 लाख का रिटायरमेंट फंड, कैसे बनाएं पोर्टफोलियो?: निवेश योजना में केवल फिक्स आय नहीं, महंगाई-टैक्स का भी अहम

Mon, 20 Jul 2026 11:15 AM IST
ज्योति भास्कर जितेन्द्र सोलंकी (सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार)
जितेन्द्र सोलंकी (सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार) Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 20 Jul 2026 11:15 AM IST
सार

रिटायरमेंट के समय मिलने वाले लाखों रुपये के एकमुश्त फंड का बेहतर और सार्थक इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है? अपनी आय बढ़ाने और पूंजी को सुरक्षित रखने के क्या-क्या विकल्प हैं? जानिए ऐसे सवालों के जवाब

विज्ञापन
50 Lakh Retirement Fund How to Construct Portfolio investment plan must consider inflation and taxes
निवेश से पहले सभी पहलुओं की पूरी समझ जरूरी (सांकेतिक) - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

जून 2025 में रवि शंकर रिटायर हुए थे। तब उन्हें 50 लाख रुपये मिले थे। बिना उचित निवेश योजना के उन्होंने पूरे निवेश को सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले विकल्प, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) में लगा दिया। सुरक्षित और सुनिश्चित आय को देखकर रवि शंकर बहुत खुश थे। लेकिन एक साल बाद महंगाई और टैक्स के सामने अब यही कमाई छोटी लगने लगी है। बैंक एफडी पर टैक्स कटने के बाद मिलने वाली आय सेवानिवृत्त जीवन के बढ़ते खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। आइए समझते हैं कि रवि शंकर के पास अपनी आय बढ़ाने और पूंजी को सुरक्षित रखने के क्या-क्या विकल्प उपलब्ध हैं।

विज्ञापन

नियमित कमाई के लिए 5 बड़े विकल्प

वरिष्ठ नागरिक बचत योजनाः

सेवानिवृत्त 1 लोगों के लिए यह सबसे आकर्षक विकल्प है। प्रमुख बैंक व डाकघर में उपलब्ध इस योजना में बेहतर व्याज मिल रहा है। ब्याज भुगतान तिमाही आधार पर मिलता है। योजना 5 साल के लिए है जिसे अगले 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। योजना का लक्ष्य स्थिर व्याज आय है, जो तब बदल सकती है जब कोई व्यक्ति मैच्योरिटी के बाद पुनर्निवेश करने का निर्णय लेता है। वर्तमान में इस पर 8.2% ब्याज मिल रहा है।

विज्ञापन

डाकघर मासिक आय योजनाः

डाकघर की इस 2 योजना में मासिक भुगतान का विकल्प है। यह योजना 5 वर्षों के लिए उपलब्ध है और इस समय 7.4 फीसदी की ब्याज दर यहां मिल रही है। यह एक मासिक आय का विकल्प हो सकता है लेकिन ब्याज आय पर टैक्स लगने के वाद इस योजना की चमक घट जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्सः

हालांकि ये 3 बॉन्ड बहुत अधिक लोकप्रिय नहीं हैं, लेकिन 8.05 फीसदी की ब्याज दर के साथ नियमित आय चाहने वालों के लिए ये भी एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। सरकार द्वारा सुरक्षित ये बॉन्ड 7 वर्षों के लिए उपलब्ध हैं और फिक्स्ड डिपॉजिट की जगह ले सकते हैं।

कंपनियां पेश करती हैं जिसमें एक एन्युटी स्कीमः

एन्युटी जीवन बीमा निश्चित खरीद मूल्य का भुगतान करने पर पूरे जीवनकाल के लिए आय मिलती है। यह आय तय अंतराल पर मिलती है। इसमें ऐसे विकल्प भी हैं, जहां पॉलिसीधारक के जीवनकाल के बाद जीवनसाथी को वही राशि मिल सकती है। जिस दर पर एन्युटी की पेशकश की जाती है वह उम्र के अनुसार बदलती है और अलग-अलग कंपनियों में भिन्न हो सकती है। उम्र जितनी अधिक होगी, मिलने वाली मासिक एन्युटी उतनी ही अधिक होगी। भले ही यह एक आदर्श समाधान लगता है, लेकिन एन्युटी पर आयकर स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है। यह आय महंगाई के अनुसार समायोजित नहीं होती है। आमतौर पर, यदि एन्युटी 70 वर्ष की आयु में शुरू होती है, तो यह विचार करने योग्य विकल्प है।

सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लानः

यह म्यूचुअल फंड के माध्यम से आय उत्पन्न करने का एक विकल्प है। यह विकल्प मूल पूंजी की वृद्धि के साथ-साथ महंगाई समायोजन का लचीलापन देता है। इन दोनों उद्देश्यों के लिए सही म्यूचुअल फंड योजना चुनने के लिए थोड़ी तैयारी करने की आवश्यकता होती है। लेकिन इस विकल्प के साथ रवि शंकर केवल बैंक एफडी की तुलना में अपनी पूंजी को कहीं अधिक लंबे समय तक बनाए रखने की योजना बना सकते हैं।

जानना जरूरी है: पैसे को सुरक्षित रखना ही निवेश नहीं

कोई भी एक विकल्प अपने आप में संपूर्ण नहीं है। एक बेहतर भविष्य के लिए आपको निश्चित आय वाले साधनों और बाजार से जुड़े विकल्पों का एक सही तालमेल बनाना होगा। पैसे को केवल सुरक्षित रखना काफी नहीं है, उसे महंगाई को पछाड़ने वाली रफ्तार से बढ़ाना भी जरूरी है।

  • ग्रोथ म्यूचुअल फंड (हाइब्रिड, इक्विटी) (25% आवंटन): पूंजी को महंगाई से ऊपर बढ़ाने के लिए।
  • वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (20% आवंटन): सुरक्षित और गारंटीड नियमित आय के लिए।
  • बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (20% आवंटन): आपातकालीन स्थिति और तुरंत नकदी के लिए।
  • आरबीआई बॉन्ड्स (15% आवंटन): लंबे समय की सुरक्षित सरकारी कमाई के लिए।
  • डेट म्यूचुअल फंड (20% आवंटन): पोर्टफोलियो में स्थिरता और टैक्स पर बेहतर तालमेल के लिए।

यह केवल एक सांकेतिक पोर्टफोलियो है और रवि शंकर को आय की आवश्यकता देखते हुए उसी के अनुसार निवेश को समायोजित करना होगा। उन्हें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि यह पूंजी न केवल वर्तमान आय उत्पन्न करे बल्कि उनके सेवानिवृत्ति के वर्षों को सहारा देने के लिए लंबे समय तक चले भी।

अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में न लिया जाए। लेख पढ़ने के बाद पाठकों द्वारा अपने व्यक्तिगत वित्त पर की गई कोई भी कार्रवाई पूरी तरह से उनके अपने जोखिम पर होगी, जिसमें निवेश सलाहकार की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed