{"_id":"59268da14f1c1ba93e537111","slug":"believe-it-or-not-petrol-could-be-below-rs-30-a-litre-in-5-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"आने वाले 5 सालों में 30 रुपये से कम कीमत में मिलने लगेगा पेट्रोल","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
आने वाले 5 सालों में 30 रुपये से कम कीमत में मिलने लगेगा पेट्रोल
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Thu, 25 May 2017 02:25 PM IST
विज्ञापन
petrol pump
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संभव है कि अगले 3 सालों में पेट्रोल की कीमत 30 रुपये प्रति लीटर से भी कम हो सकता है। विकसित हो रही तकनीक से लोगों की ईंधन के लिए पेट्रोल पर निर्भरता को कम करने की कोशिश की जा रही है। इसके जरिए पेट्रोल की कीमत में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। इस बात की भविष्यवाणी की है अमेरिका के दूरदर्शी टोनी सेबा ने। सेबा ने कहा था कि सोलर पावर में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। उस वक्त सोलर तकनीक की कीमत आज से 10 गुना ज्यादा थी।
सेबा सिलिकॉन वैली में उद्यमपति हैं। इसके अलावा वो एनर्जी पर भी शोध करते हैं। सोलर पावर पर सेबा की भविष्यवाणी सच हो गई थी, मगर पैट्रोल पर उनकी बात किनती सच होती है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। सीएनबीसी से बात करते हुए सेबा ने कहा, "2020-21 में तेल की डिमांड अपने चरम पर होगी। इसके बाद 10 सालों में यह 100 बैरल ले गिर कर 70 बैरल ही रह जाएगी। इस हिसाब से कीमत 25 डॉलर प्रति बैरल ही रह जाएगी।"
सेबा के अनुसार, आने वाले वक्त में स्वत: चलने वाली गाड़ियों के आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 25 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकती है। सेबा ने बताया कि लोग पुरानी गाड़ियां चलाना नहीं छोड़ेंगे। मगर आने वाले समय में बनने वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल अर्थव्यवस्था और जीवन का बड़ा हिस्सा बन जाएगा। उन्होंने कहा कि 2030 तक, 95% लोगों के पास नीजि गाड़ियां नहीं होंगी, जिसकी वजह से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेबा सिलिकॉन वैली में उद्यमपति हैं। इसके अलावा वो एनर्जी पर भी शोध करते हैं। सोलर पावर पर सेबा की भविष्यवाणी सच हो गई थी, मगर पैट्रोल पर उनकी बात किनती सच होती है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। सीएनबीसी से बात करते हुए सेबा ने कहा, "2020-21 में तेल की डिमांड अपने चरम पर होगी। इसके बाद 10 सालों में यह 100 बैरल ले गिर कर 70 बैरल ही रह जाएगी। इस हिसाब से कीमत 25 डॉलर प्रति बैरल ही रह जाएगी।"
विज्ञापन
सेबा के अनुसार, आने वाले वक्त में स्वत: चलने वाली गाड़ियों के आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 25 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकती है। सेबा ने बताया कि लोग पुरानी गाड़ियां चलाना नहीं छोड़ेंगे। मगर आने वाले समय में बनने वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल अर्थव्यवस्था और जीवन का बड़ा हिस्सा बन जाएगा। उन्होंने कहा कि 2030 तक, 95% लोगों के पास नीजि गाड़ियां नहीं होंगी, जिसकी वजह से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी।
विज्ञापन