विवादों में फंसी मैगी, यिप्पी और बाबा रामदेव की हुई बल्ले-बल्ले
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बहुराष्ट्रीय कंपनी नेस्ले के नूडल्स मैगी पर उपजे विवाद से प्रतिद्वंद्वियों की बल्ले-बल्ले हो गयी है। एक ओर उपभोक्ता सामग्री बनाने वाले विविधीकृत समूह आईटीसी का इंस्टैंट नूडल्स यिप्पी 1,000 करोड़ रुपए का ब्रांड बनने के करीब पहुंच गया है।
वहीं दूसरी तरफ दो महीने पहले ही इस अखाड़े में उतरा बाबा रामदेव का आटा नूडल्स शहर से लेकर गांवों में पैठ बनाने में कामयाब हो रहा है।
आईटीसी लिमिटेड के फूड डिवीजन में डिविजनल चीफ एक्जीक्यूटिव वीएल राजेश ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में बताया कि सनफीस्ट यिप्पी ब्रांड के तौर पर राष्ट्रीय स्तर पर पेश किए जाने के बाद अपने पांचवें वर्ष में अच्छी सफलता हासिल की है। शीघ्र ही यिप्पी नूडल्स 1000 करोड़ रुपए के ब्रांडों की जमात में शामिल होने वाला है।
विवाद के बाद यिप्पी की सेल 40 फीसद बढ़ी
मैगी पर प्रतिबंध से पहले और बाद में यिप्पी की वृद्धि के संबंध में उन्होंने कहा कि विवाद के बाद जून 2015 में यिप्पी की बिक्री में अन्य प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले 40 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज हुई।
हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि विवाद और भ्रम से पूरे उद्योग को नुकसान हुआ। लेकिन कंपनी के प्रयासों से यह ब्रांड तेजी से उबरा और शीघ्र ही बिक्री के पुराने स्तर पर पहुंच गया।
महज दो महीने पहले ही इंस्टेंट नूडल्स बाजार में उतरने वाला बाबा रामदेव का आटा नूडल्स भी तेजी से पांव पसार रहा है। पतंजलि आयुर्वेद केप्रवक्ता का कहना है कि दो महीने में बिक्री का आंकड़ा तो नहीं बताया जा सकता है लेकिन छोटी सी अवधि में ही यह शहरों केसाथ गांवों में भी अपनी पैठ बना लिया। उल्लेखनीय है कि बाबा रामदेव का नूडल्स 16 नवंबर 2015 को लांच हुआ था।