Share Market: शुरुआती कारोबार में शेयर बाजारों में भारी गिरावट; 50% अमेरिकी टैरिफ से निवेशकों में बढ़ी चिंता
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 508.16 अंक गिरकर 80,278.38 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 157.35 अंक गिरकर 24,554.70 पर आ गया। ऐसे ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 16 पैसे बढ़कर 87.53 पर खुला।
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से रूसी तेल खरीद पर भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ के लागू होने से गुरुवार को शुरुआती कारोबार में शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। इसके अलावा विदेशी पूंजी की निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। अमेरिका की ओर से भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ बुधवार को लागू हो गया, जिससे नई दिल्ली पर लगाए गए शुल्कों की कुल राशि 50 फीसदी हो गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 508.16 अंक गिरकर 80,278.38 पर आ गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 157.35 अंक गिरकर 24,554.70 पर पहुंचा।
किसे फायदा-किसे नुकसान?
सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, सन फार्मा, एनटीपीसी और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सबसे ज्यादा नुकसान में दिखाई दिए। हालांकि, इटरनल, एशियन पेंट्स, टाइटन, मारुति और लार्सन एंड टुब्रो को फायदा होता दिखा। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 6,516.49 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालाँकि, डीआईआई ने 7,060.37 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग कमजोर दिखाई दिया। बुधवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक दायरे में बंद हुए थे। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.76 प्रतिशत गिरकर 67.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल
एनएसई के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
- जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, 'भारत पर लगाया गया 50 फीसदी टैरिफ निकट भविष्य में बाजार की धारणा पर असर डालेगा, लेकिन बाजार में घबराहट की संभावना नहीं है, क्योंकि बाजार इन उच्च टैरिफ को एक अल्पकालिक विचलन के रूप में देखेगा, जिसका जल्द ही समाधान हो जाएगा। बाजार के सामने असली चुनौती उच्च मूल्यांकन और धीमी आय वृद्धि है।'
- विजयकुमार ने कहा, 'बाजार को समर्थन का सबसे मजबूत आधार डीआईआई (घरेलू संस्थागत निवेशक) की ओर से की जा रही आक्रामक खरीदारी है, जो धन से लबालब हैं। एफआईआई की ओर से की जा रही किसी भी बिकवाली को डीआईआई की ओर से की जा रही आक्रामक खरीदारी आसानी से बेअसर कर देगी।'
पिछले कारोबारी दिन का हाल
गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में बुधवार को घरेलू शेयर बाजार बंद रहे थे। इससे पहले मंगलवार को सेंसेक्स 849.37 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 80,786.54 पर और निफ्टी 255.70 अंक या 1.02 प्रतिशत गिरकर 24,712.05 पर बंद हुआ था।