{"_id":"670e445537aa7583ea067945","slug":"sensex-closing-bell-share-market-closing-sensex-nifty-share-market-news-and-updates-2024-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sensex Closing Bell: शेयर बाजार फिर लाल निशान पर हुआ बंद; सेंसेक्स 153 अंक टूटा, निफ्टी 25100 से नीचे","category":{"title":"Bazar","title_hn":"बाज़ार","slug":"bazaar"}}
Sensex Closing Bell: शेयर बाजार फिर लाल निशान पर हुआ बंद; सेंसेक्स 153 अंक टूटा, निफ्टी 25100 से नीचे
Tue, 15 Oct 2024 04:03 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 15 Oct 2024 04:03 PM IST
सार
Sensex Closing Bell: बीएसई सेंसेक्स 152.93 अंक की गिरावट के साथ 81,820.12 और एनएसई निफ्टी 70.60 अंक फिसलकर 25,057.35 अंक पर बंद हुआ।
विज्ञापन
सेंसेक्स क्लोजिंग बेल
- फोटो : amarujala.com
विस्तार
घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को शुरुआती बढ़त गंवाकर लाल निशान पर बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स, जो 81,820.12 पर खुला था, दिन के अंत में 152.93 अंकों की गिरावट के साथ 81,667.19 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 70.60 अंकों की गिरावट के साथ 25,057.35 पर बंद हुआ।
विज्ञापन
निफ्टी 50 में से 18 शेयर बढ़े जबकि 30 में गिरावट आई। शीर्ष लाभार्थियों में बीपीसीएल, आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, ब्रिटानिया और एशियन पेंट्स थे, जबकि एचडीएफसी लाइफ, विप्रो, बजाज ऑटो, बजाज फाइनेंस और हिंडाल्को सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयर रहे।
विज्ञापन
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बाजार की गिरावट के लिए वैश्विक रुझानों और मुनाफावसूली को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "मिश्रित वैश्विक रुझानों और आंशिक मुनाफावसूली से प्रभावित घरेलू बाजार में गिरावट देखी गई।"
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक है, वे वैश्विक मांग में कमी का भी संकेत देते हैं। इसके अतिरिक्त, खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण भारत के सीपीआई में उछाल आया है, जिससे अपेक्षित दर कटौती में देरी हो सकती है। इसके अलावा, दूसरी तिमाही में कंपनियों के कमजोर परिणामों के कारण निवेशकों ने सर्तकता दिखाई।
बाजार की हालिया गिरावट महत्वपूर्ण रही है। वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू बाजार की आर्थिक चिंताओं के बीच इस महीने सेंसेक्स और निफ्टी में 6 प्रतिशत की गिरावट आई है। समग्र नकारात्मक भावना के बावजूद, कुछ क्षेत्रों ने लचीलापन दिखाया है। बैंक निफ्टी और वित्तीय सेवा क्षेत्रों से सुधार के संकेत मिले हैं। मौद्रिक नीति समिति द्वारा रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने के निर्णय से बाजार को समर्थन मिला। इस कदम से वित्तीय क्षेत्र में तरलता बनाए रखने और बैंकिंग शेयरों को समर्थन मिलने की उम्मीद है। रियल्टी, एफएमसीजी, आईटी और ऊर्जा जैसे अन्य क्षेत्रों में भी व्यापार के अवसर दिखे हैं, हालांकि मुनाफावसूली के कारण इन क्षेत्रों के शेयरों का प्रदर्शन सीमित रहा।