INR vs USD Price: रुपया अपने नए सर्वकालिक निचले स्तर पर, 43 पैसे टूटकर 82.33 रुपये पर पहुंचा
Rupees All Time Low: रुपया शुक्रवार को 43 पैसे टूटकर अपने नए सर्वकालिक निचले स्तर 82.33 रुपये पर पहुंच गया। इससे पहले डॉलर के मुकाबले रुपये ने पहली बार 23 सितंबर 2022 को 81 रुपये का लेवल छुआ था। उससे पहले 20 जुलाई को यह 80 रुपये का लेवल पार कर गया था।
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रुपये में कमजोरी का सिलसिला बरकरार है। शुक्रवार को रुपया अब तक के सर्वकालिक निचले स्तर को भी पार करते हुए 82 रुपये के पार चला गया। रुपया फिलहाल 33 पैसे की गिरावट के साथ डॉलर के मुकाबले 80.22 रुपये पर कारोबार कर रहा है। इससे पिछले सेशन में रुपया 81.88 रुपये के लेवल पर बंद हुआ था। डॉलर के मुकाबले रुपये ने पहली बार 23 सितंबर 2022 को 81 रुपये का लेवल छुआ था। उससे पहले 20 जुलाई को यह 80 रुपये का लेवल पार कर गया था। बाजार के जानकारों के मुताबिक डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती के चलते अन्य दूसरी करेंसीज पर दबाव बढ़ा है।
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वैश्विक बाजार में अनिश्चित माहौल के कारण कमजोर हो रहा रुपया
ग्लोबल मार्केट में जारी अनिश्चित माहौल, डॉलर के मजबूत होने और फेड के रेट बढ़ाने के फैसलों के बीच के बीच रुपये में इस वर्ष अब तक 10.6% की गिरावट आ चुकी है। बता दें कि शिकागो फेड के अध्यक्ष चार्ल्स इवांस ने गुरुवार को कहा कि फेड की नीति दर 2023 के वसंत तक 4.5%-4.75% की ओर बढ़ने की संभावना है क्योंकि फेड बहुत अधिक मुद्रास्फीति को नीचे लाने के लिए उधार लेने की लागत में बढ़ोतरी करता है। वहीं, मिनियापोलिस फेड के अध्यक्ष नील काशकारी ने संकेत दिया कि जब तक वित्तीय स्थिति यहां से काफी खराब नहीं हो जाती, तब तक फेड ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं कर सकता है।
रुपये के कमजोर होने से और बढ़ेगी महंगाई
डाॅलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ेगा। इसका असर अर्थव्यवस्था की करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) पर भी दिखेगा। आयात महंगा होने से विदेश से देश में खरीदी जानेवाली वस्तुओं और की कीमतों में इजाफा होगा। इसका असर आने वाले समय में घरेलू बाजार में पेट्रोल डीजल की कीमतों पर भी पड़ेगा। हालांकि रुपया का कमजोर होना देश के निर्यातकों के अच्छी चीज साबित हो सकती है, क्योंकि वे अपने उत्पादों के बदले जो डॉलर हासिल करेंगे उन्हें रुपये में बदलने पर उन्हें ज्यादा रुपये मिलेंगे।
रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने पर आरबीआई ने डॉलर बेचे
व्यापारियों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व रेट आउटलुक पर चिंताओं के कारण डॉलर के मुकाबले 82 रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरने के बाद राज्य द्वारा संचालित बैंकों के माध्यम से डॉलर की बिक्री की। रुपया पिछले सत्र में 81.88 से नीचे 82.2675 पर कारोबार कर रहा था, लेकिन दिन का सबसे निचला स्तर 82.33 रहा। कारोबारियों के अनुसार रुपया खुलने के पहले दस मिनट के भीतर ही डॉलर के मुकाबले गिरकर 82.33 पर आ गया और आरबीआई के हस्तक्षेप के कारण संभवत: सीमाबद्ध रहा।