वैश्विक बाजार में 15 फीसदी महंगी हुई चीनी, भारत के लिए खुला निर्यात का रास्ता
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में सफेद चीनी के दाम ने आसमना छू लिया है। चीनी का वैश्विक भंडार कम होने की वजह से पिछले तीन महीनों में सफेद चीनी का दाम 15.25 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ गया है। यानी एक टन चीनी का भाव 45 डॉलर तक बढ़ा है।
भारत के लिए खुला चीनी निर्यात का रास्ता
चीनी के दाम में बढ़ोतरी से भारत के लिए चीनी निर्यात का रास्ता खुल गया है। आने वाले समय में भारत गन्ने की पेराई शुरू होने पर कच्ची चीनी का भी निर्यात करेगा। मौजूदा समय में भारत सफेद चीनी का निर्यात करता है। बता दें कि उद्योग संगठनों के अनुसार, एक अक्तूबर से अब तक करीब दो लाख टन सफेद चीनी के निर्यात के सौदे हो चुके हैं। पिछले सीजन में 38 लाख टन चीनी का निर्यात हुआ था।
इतने में हुआ सौदा
दो लाख टन सफेद चीनी का सौदा 320-330 डॉलर प्रति टन के भाव पर हुआ है। इंटर कांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर 16 जुलाई को लंदन शुगर का वायदा भाव 295 डॉलर प्रति टन था। हालांकि बीते सत्र में शुक्रवार एक टन चीनी का दाम 339.90 डॉलर था।
इस्मा ने लगाया अनुमान
इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) ने अनुमान लगाया है कि पिछले सीजन 2018-19 में देश में जो 331.5 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था। उसमें से 145 लाख टन बकाया स्टॉक है और मौजूदा सीजन में 363 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।
साल 2019-20 में देश में कुल 408 लाख टन चीनी उपलब्ध होगी। 60 लाख टन चीनी निर्यात और सालाना खपत 260 लाख टन होने पर आगामी साल के लिए चीनी का बचा स्टॉक 88 लाख टन रहने का अनुमान है।
भारत को होगा फायदा
इससे भारतीय मिलों को काफी फायदा होगा। अगर वैश्विक बाजार में 340 डॉलर प्रति टन का भाव भी मिलता है और डॉलर के मुकाबले रुपया का स्तर 71 रहने पर एक टन चीनी निर्यात का मूल्य करीब 24,140 रुपये होगा। केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी जोड़ने पर यह 34,558 रुपये प्रति टन हो जाएगा। बता दें कि सरकार एक टन चीनी पर 10,448 रुपये सब्सिडी प्रदान करती है।