फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Bazar ›   Institution of rashtriya swayamsevak sangh, swadeshi jagran manch told FDI is chea

FDI को लेकर मोदी सरकार पर चौतरफा वार, संघ की संस्था ने बताया विश्वासघात

Sat, 25 Jun 2016 08:30 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Sat, 25 Jun 2016 08:30 AM IST
विज्ञापन
 Institution of rashtriya swayamsevak sangh, swadeshi jagran manch told FDI is chea
narendra modi - फोटो : PTI

सरकार द्वारा सोमवार को घोषित एफडीआई सुधारों को स्वदेशी जागरण मंच ने जनता से विश्वासघात बताया है। मंच का कहना है कि इसका उद्देश्य रोजगार पैदा करना नहीं, बल्कि भारतीयों से रोजगार छीनना है।

विज्ञापन


मंच के राष्ट्रीय कंवीनर अश्वनी महाजन ने कहा कि खुदरा, रक्षा और फार्मा सेक्टर को विदेशी कंपनियों के लिए खोलकर सरकार ने आम और स्थानीय कारोबारियों के लिए अच्छा नहीं किया। वहीं कांग्रेस ने रक्षा नीति में इतने बड़े बदलाव को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।
विज्ञापन


वरिष्ठ कांग्रेस नेता ए के एंटनी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में 100 फीसदी विदेशी निवेश भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण और गौर करने वाली बात है कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका से लौटने के तुरंत बाद लिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में एफडीआई खतरनाक है। बहुत कम देश ऐसे हैं जिन्होंने इस संवेदनशील क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति दी है। वहीं इस फैसले की आलोचना करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि ‘मेक इन इंडिया’ के नाम पर मोदी सरकार ‘ब्रेकिंग इंडिया’ कर रही है। हालांकि सरकार ने कहा है कि आर्थिक सुधारों के इस फैसले से रघुराम राजन के निर्णय का कोई लेना-देना नहीं है।

एफडीआई की मददद से फार्मा सेक्टर में 20% वृद्धि की आस

 Institution of rashtriya swayamsevak sangh, swadeshi jagran manch told FDI is chea
हर साल 14 फीसदी की दर से आगे बढ़ रहा है फार्मा उद्योग - फोटो : File

वहीं विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) कानूनों में ढील के चलते, फार्मा सेक्टर में 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। इस सेक्टर पर ध्यान देने के लिए एक अलग मंत्रालय गठित करने पर विचार किया जा रहा है। यह बात रसायन और उर्वरक मंत्री, अनंत कुमार ने शुक्रवार को कही।

नई फार्मास्युटिकल्स कंपनियों में स्वत: मार्ग से 100 फीसदी एफडीआई के साथ, सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में पहले से स्थापित फार्मा कंपनियों में स्वत: मार्ग से 74 फीसदी विदेशी निवेश की अनुमति दी थी। फार्मा उद्योग हर साल 14 फीसदी की दर से बढ़ रहा है।

कुमार ने कहा कि इस सेक्टर में बहुत ज्यादा क्षमता है और ज्यादा निवेश विकास की संभावना को बढ़ावा देगा। वर्तमान में भारत 205 देशों को फार्मास्युटिकल्स वस्तुओं का निर्यात करता है और विश्व में उपयोग की जाने वाली प्रत्येक पांच दवाएं या टेबलेट भारत से हैं।

कुमार ने आगे कहा कि काम के बेहतर तालमेल के लिए इस सेक्टर के लिए एक अलग मंत्रालय का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान में फार्मा विभाग दवा मूल्य नियमन को देख रहा है, जबकि अन्य विभिन्न खंड जैसे- लाइसेंसिंग स्वास्थ्य मंत्रालय के पास, उद्योग को प्रोत्साहन वाणिज्य मंत्रालय के पास और शोध, विज्ञान और तकनीकी मंत्रालय के पास हैं। कुमार ने कहा कि फार्मा मंत्रालय के गठन के लिए इन सभी चीजों को साथ लाने की आवश्यकता है।

एफडीआई नीति के बदलाव हुए अधिसूचित

 Institution of rashtriya swayamsevak sangh, swadeshi jagran manch told FDI is chea

बता दें कि सरकार ने शुक्रवार को फार्मास्युटिकल्स, रक्षा और एकल ब्रांड रिटेल समेत कई सेक्टरों में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) नीति में हुए बदलावों को अधिसूचित किया। इन निर्णयों की घोषणा इस सप्ताह की शुरुआत में भारत को निवेशकों के लिए और ज्यादा अनुकूल और एक आकर्षक एफडीआई गंतव्य बनाने के विचार से की गई।

डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (डीआईपीपी) ने एक प्रेस नोट में कहा कि यह फैसला तुरंत प्रभावी हो जाएगा।

रक्षा क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार ने छोटे हथियारों और युद्घ सामग्री की मैन्युफैक्चरिंग में विदेशी निवेश की अनुमति देने के अलावा ‘स्टेट ऑफ आर्ट’ तकनीक की शर्त को हटा लिया है।

सरकार ने ब्रॉडकास्टिंग कैरिएज सेवाओं जैसे-टेलीपोर्टस, डायरेक्ट-टू-होम और मोबाइल टीवी में भी स्वत: मार्ग से 100 फीसदी एफडीआई की मंजूरी दे दी है।

Published By Rahul Sankrityayan

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed