भारत में निवेश की व्यापक संभावनाएं: जेटली
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि भारत में निवेश के लिए व्यापक संभावनाएं हैं और इसकी कोई सीमा नहीं है। भारत की आर्थिक वृद्धि टिकाऊ है क्योंकि उसे अभी काफी दूरी तय करनी है।
पांच दिन की यात्रा पर चीन पहुंचे जेटली ने सरकारी चैनल सीसीटीवी को दिये एक इंटरव्यू में कहा कि यह (वृद्धि) टिकाऊ है। इसकी वजह यह है कि भारत को आर्थिक वृद्धि के संदर्भ में अभी लंबा रास्ता तय करना है।’
उन्होंने कहा कि भारत में इस लिहाज से बुनियादी ढांचा, शहरीकरण, आवास, बिजली, जल तथा सामाजिक क्षेत्र में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। जेटली ने कहा कि वर्तमान में सार्वजनिक वित्त निवेश के मामले में नेतृत्व कर रहा है। मुझे विश्वास है कि कुछ समय में जब अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी, निजी क्षेत्र भी इसे गति देगा।’
उन्होंने कहा कि मानसून भी सामान्य से कम रहने के बावजूद हमारी दो साल से वृद्धि अच्छी रही है। भारत की आर्थिक वृद्धि में मानसून महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस साल मानसून बेहतर रहने की उम्मीद है।’
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले साल हमारी वृद्धि 7.3 प्रतिशत रही। हम निश्चित रूप से इसे बनाए रखेंगे और अच्छे मानसून के साथ उम्मीद है कि यह और बेहतर होगी। पिछले साल भारत की आर्थिक वृद्धि चीन की 6.9 प्रतिशत से अधिक रही। वैश्विक बुनियादी ढांचा तथा आर्थिक वृद्धि के मुद्दे पर जेटली ने वैश्विक आर्थिक मंदी पर अपनी चिंता रखी।
एआईआईबी से मदद संबंधी परियोजनाओं पर भारत लेगा निर्णय
जेटली ने चीन समर्थित एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) के निदेशक मंडल की बैठक से पहले कहा कि भारत का विशाल आधारभूत ढांचा कार्यक्रम है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत यह निर्णय लेगा कि कौन सी परियोजना के लिए एआईआईबी से फंड लिया जा सकता है। इस बैंक की स्थापना पिछले साल एक खरब अमेरिकी डॉलर से की गई थी जिसमें भारत और अन्य 56 देश संस्थापक सदस्य हैं।
चीन की इसमें 26.06 फीसदी भागीदारी है और भारत 7 फीसदी हिस्सेदारी के साथ इसमें दूसरा सबसे बड़ा भागीदार है।
Published By Rahul Sankrityayan