अमेरिकी रिजर्व बैंक ने दशक में दूसरी बार दर बढ़ाई, रुपये में भारी गिरावट
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अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बृहस्पतिवार को बढ़ने से देश के मुद्रा और शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। बाजार की उम्मीदों के अनुरूप बुधवार को फेड ने अपनी ब्याज दर 0.25 से 0.5 फीसदी के दायरे में बढ़ाकर 0.5 से 0.75 फीसदी के दायरे में कर दिया।
वर्ष 2016 में फेड दर में यह बढ़ोतरी और गत एक दशक में दूसरी बढ़ोतरी है। फेड की मौद्रिक नीति समिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से दर बढ़ाने का फैसला किया है और फेड ने यह भी कहा कि 2017 में तीन बार दर बढ़ाई जा सकती है, जबकि पहले फेड ने दो बार दर बढ़ोतरी का अनुमान दिया था।
फेड की दर बढ़ने से अमेरिकी मुद्रा डॉलर में निवेश करना लाभकारी हो जाएगा, जिससे विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से अपनी पूंजी निकालकर अमेरिका में लगाने के लिए प्रोत्साहित होंगे और उभरते देशों के बाजारों में बड़े पैमाने पर गिरावट दर्ज किए जाने की उम्मीद है और उन देशों की मुद्राओं में भी डॉलर के मुकाबले कमजोरी आने की प्रबल संभावना है।
रुपया 40 पैसे लुढ़का
फेड दर बढ़ने के कारण डॉलर में आई मजबूती के बीच बृहस्पतिवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 40 पैसे या 0.59 फीसदी कमजोर होकर 67.83 पर बंद हुआ। फॉरेक्स बाजार के डीलरों के मुताबिक पूंजी के देश से लगातार बाहर की ओर हो रहे प्रवाह के बीच आयातकों में डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बढ़ गया है।
15 नवंबर के बाद रुपये में यह सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट है। वहीं फेड दर बढ़ने और डॉलर के आकर्षक होने से बृहस्पतिवार को देश के शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। बीएसई का सेंसेक्स 83.77 अंकों की गिरावट के साथ 26,519.07 पर और एनएसई का निफ्टी 28.85 अंकों की गिरावट के साथ 8,153.60 पर बंद हुआ।
जियोजित बीएनपी पारिबा फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि फेड की घोषणा के बाद अमेरिकी बांड और डॉलर की यील्ड बेहतर हो गई है, जो उभरते बाजारों के बाजारों के लिए नकारात्मक है, जिसमें भारत भी शामिल है। इन बाजारों में पूंजी बाहर निकलने की संभावना बढ़ गई है।
सोना 200 रुपये लुढ़का, चांदी भी टूटी
फेड दर बढ़ोतरी के कारण वैश्विक स्तर पर डॉलर की मांग बढ़ने और नकदी संकट की वजह से घरेलू हाजिर बाजार में मांग कम रहने से बृहस्पतिवार को सर्राफा बाजार में सोना 200 रुपये गिरकर 28,250 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।
औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से कम लिवाली के कारण चांदी भी 450 रुपये टूटकर 40,950 रुपये प्रति किलो हो गई।
वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.39 फीसदी गिरकर 1,138.10 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.04 फीसदी फिसलकर 16.63 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।