ऑनलाइन बिक्री के विरोध में 14 अक्टूबर को बंद रहेंगी दवा दुकानें
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में देशभर की दवा दुकानें 14 अक्टूबर को बंद रहेंगी। एक दिन दुकानें बंद रहने से पूरे देश में 230 करोड़ रुपये का दवा कारोबार प्रभावित होगा।
व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर सुनवाई न हुई और इस फैसले को वापस नहीं लिया गया तो दवा व्यापारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। यह जानकारी शनिवार को ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महासचिव सुरेश गुप्ता ने प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि मोदी सरकार दवा की बिक्री ऑनलाइन करने की तैयारी में है। यह फैसला मरीजों की जान के साथ दवा व्यापार पर भी बुरा प्रभाव डालेगा। इसमें कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन दवा मंगाने के लिए डॉक्टर द्वारा लिखे पर्चे की स्कैन कॉपी के माध्यम से ऑर्डर कर देगा और उसकी दवा घर पहुंच जाएगी।
ऑनलाइन बिक्री से बढ़ेगी कालाबाजारी
इस व्यवस्था से दवाओं की कालाबाजारी बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा। सुरेश गुप्ता ने कहा, इस नई तकनीक से नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं का कारोबार तेजी से बढ़ेगा। इसके अलावा ऑनलाइन दवा बिक्री में बची दवा की वापसी संभव नहीं है जिसका सीधा नुकसान मरीजों को होगा।
दवा दुकानों पर काम करने वाले करोड़ों लोग बेरोजगार होंगे। केंद्र सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेगी तो 14 अक्टूबर को दवा दुकानें बंद रखने के बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि पूरे भारत में दवाई की आठ लाख दुकानें हैं। उत्तर प्रदेश में दवा की दुकानों की संख्या 1 लाख 12 हजार है जिसमें 72 हजार थोक और 40 हजार खुदरा दुकानें हैं।