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Share Market: आईपीओ निवेशकों के लिए बड़ा मौका, इस सप्ताह चार कंपनियां बाजार में ला रही हैं IPO
Mon, 18 Sep 2023 05:56 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: जलज मिश्रा
Updated Mon, 18 Sep 2023 05:56 AM IST
सार
इस हफ्ते चार कंपनियां आईपीओ ला रही हैं। पिछले हफ्ते भी चार इश्यू आए थे। प्रमुख प्लेटफॉर्म के अलावा एसएमई प्लेटफॉर्म पर भी आईपीओ की भरमार है। इस हफ्ते 10 छोटी कंपनियां एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने के लिए बाजार में उतर रही हैं।
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आईपीओ
- फोटो : pixabay
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विस्तार
शेयर बाजार जहां इस समय नई ऊंचाई पर है, वहीं इक्विटी म्यूचुअल फंड में अच्च्छा निवेश आ रहा है। आईपीओ बाजार भी गुलजार है। इस साल आए ज्यादातर आईपीओ ने निवेशकों को धमाकेदार मुनाफा दिया है। इस हफ्ते भी प्रमुख बोर्ड के चार इश्यू सहित एसएमई की 10 कंपनियां बाजार में उतर रही हैं। इन कंपनियों का पूरा गणित बताती अजीत सिंह की रिपोर्ट-
इस हफ्ते चार कंपनियां आईपीओ ला रही हैं। पिछले हफ्ते भी चार इश्यू आए थे। प्रमुख प्लेटफॉर्म के अलावा एसएमई प्लेटफॉर्म पर भी आईपीओ की भरमार है। इस हफ्ते 10 छोटी कंपनियां एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने के लिए बाजार में उतर रही हैं। हेम सिक्योरिटीज के निदेशक गौरव और प्रतीक जैन कहते हैं कि औसत एसएमई आईपीओ साइज वित्त वर्ष 2017-18 में 14.56 करोड़ रुपये, 2020-21 में 9.59 करोड़ रुपये, 2022-23 में 18.66 करोड़ रुपये और चालू वित्त वर्ष में 30.85 करोड़ रुपये रहा है। हाल के मेनबोर्ड के 10 आईपीओ में खुदरा निवेशकों का आवेदन 3.45 गुना से लेकर करीब 53 गुना तक रहा है। यानी 27 लाख से भी ज्यादा खुदरा आवेदन आए हैं। निवेशकों का औसत आवेदन 10 लाख से 20 लाख तक रहा है।
एसेट क्लास बन चुका है एसएमई आईपीओ
गौरव जैन कहते हैं कि एसएमई में औसत सब्सक्रिप्शन 1,500 करोड़ से 3,000 करोड़ रहा है। एसएमई पर यह 1,000 करोड़ से 3,000 करोड़ तक रहा है। एसएमई प्लेटफॉर्म पर 11 गुना से लेकर 1,102 गुना तक यानी सात लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। इसका मतलब खुदरा निवेशक मुख्य प्लेटफॉर्म के साथ एसएमई आईपीओ में भी जमकर पैसे लगा रहे हैं। ज्यादातर निवेशक 10,20 और 30 करोड़ रुपये वाले आईपीओ में पैसे लगा रहे हैं। एसएमई एक्सचेंज 2012 में शुरू हुआ था। यह बेहतर रिटर्न देकर एक एसेट क्लास के रूप में स्थापित हो चुका है।
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825 कंपनियां एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध
अब तक 825 एसएमई कंपनियां सूचीबद्ध हो चुकी हैं। प्रतीक जैन के मुताबिक, 2020 से मुख्य प्लेटफॉर्म पर 145 कंपनियां सूचीबद्ध हुई हैं। 78% (113 कंपनियां) फायदा और 22% (32) कंपनियां घाटा दी हैं। इसी दौरान एसएमई पर 302 कंपनियां लिस्ट हुईं। 231 यानी 76 फीसदी ने फायदा दिया और 24 फीसदी ने घाटा दिया। इस साल में मुख्य प्लेटफॉर्म पर औसत रिटर्न 30 फीसदी और एसएमई प्लेटफॉर्म पर 43% रहा है।
27 इश्यू ने जुटाए 21 हजार करोड़ रुपये
इस साल मुख्य प्लेटफॉर्म पर कुल 27 इश्यू ने 21 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई। चार इस हफ्ते आ रहे हैं। सबसे ज्यादा रकम 4,326 करोड़ मैनकाइंड फार्मा ने जुटाई। नेक्सस सिलेक्ट ने 3,200 करोड़, कॉनकार्ड बायोटेक ने 1,551 करोड़ और एसबीएफसी ने 1,025 करोड़ रकम जुटाई। सर्वाधिक रकम 2021 में 63 इश्यू से 1.20 लाख करोड़ रुपये जुटाई गई।
एसएमई कंपनियों ने इस साल रिकॉर्ड 2,939 करोड़ जुटाए। 110 कंपनियां बाजार में उतरी हैं। 2022 में 109 कंपनियों ने 1,980 करोड़, 2021 में 59 कंपनियों ने 787 करोड़, 2020 में 27 कंपनियों ने 168 करोड़, 2019 में 54 कंपनियों ने 657 करोड़ और 2018 में 144 कंपनियों ने 2,409 करोड़ जुटाई थी।
म्यूचुअल फंड के जरिये बाजार में लगाएं पैसा
लगातार बदलती दुनिया में निवेशक बेहतर जोखिम-समायोजित रिटर्न प्राप्त करना चाह रहे हैं। ऐसे में जोखिम से बचने के लिए म्यूचुअल फंड के जरिये आप इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसमें मल्टी एसेट फंड काम कर सकता है। मल्टी-एसेट निवेश एक ऐसी रणनीति है जिसमें इक्विटी, निश्चित आय, रियल एस्टेट, कमोडिटी और कई अन्य परिसंपत्ति वर्गों सहित विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों के मिश्रण में निवेश कर सकते हैं। इसका लक्ष्य विविध पोर्टफोलियो बनाना है जो जोखिम को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करते हुए संभावित रूप से स्थिर रिटर्न दे सके।
मल्टी-एसेट निवेश निवेशकों को कई लाभ देता है। जब एक परिसंपत्ति खराब प्रदर्शन करती है तो अन्य परिसंपत्तियां स्थिर या बेहतर प्रदर्शन कर आपको बचाती हैं। इससे सारे पोर्टफोलियो का जोखिम कम हो जाता है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वालों में एक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मल्टी-एसेट फंड है। मल्टी एसेट पोर्टफोलियो विभिन्न बाजारों और परिसंपत्ति वर्गों में अवसरों का लाभ उठाते हैं, जिससे लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न प्राप्त होता है। सचिन अग्रवाल, म्यूचुअल फंड वितरक ने बताया कि आम आदमी के लिए सबसे आसान तरीका मल्टी-एसेट फंड में निवेश करना है। ऐसे फंड कम से कम तीन या अधिक परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करते हैं। इनमें इक्विटी, डेट और कमोडिटी हैं। कुछ फंड इनविट और रिट्स में भी निवेश करते हैं।
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इस हफ्ते चार कंपनियां आईपीओ ला रही हैं। पिछले हफ्ते भी चार इश्यू आए थे। प्रमुख प्लेटफॉर्म के अलावा एसएमई प्लेटफॉर्म पर भी आईपीओ की भरमार है। इस हफ्ते 10 छोटी कंपनियां एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने के लिए बाजार में उतर रही हैं। हेम सिक्योरिटीज के निदेशक गौरव और प्रतीक जैन कहते हैं कि औसत एसएमई आईपीओ साइज वित्त वर्ष 2017-18 में 14.56 करोड़ रुपये, 2020-21 में 9.59 करोड़ रुपये, 2022-23 में 18.66 करोड़ रुपये और चालू वित्त वर्ष में 30.85 करोड़ रुपये रहा है। हाल के मेनबोर्ड के 10 आईपीओ में खुदरा निवेशकों का आवेदन 3.45 गुना से लेकर करीब 53 गुना तक रहा है। यानी 27 लाख से भी ज्यादा खुदरा आवेदन आए हैं। निवेशकों का औसत आवेदन 10 लाख से 20 लाख तक रहा है।
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एसेट क्लास बन चुका है एसएमई आईपीओ
गौरव जैन कहते हैं कि एसएमई में औसत सब्सक्रिप्शन 1,500 करोड़ से 3,000 करोड़ रहा है। एसएमई पर यह 1,000 करोड़ से 3,000 करोड़ तक रहा है। एसएमई प्लेटफॉर्म पर 11 गुना से लेकर 1,102 गुना तक यानी सात लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। इसका मतलब खुदरा निवेशक मुख्य प्लेटफॉर्म के साथ एसएमई आईपीओ में भी जमकर पैसे लगा रहे हैं। ज्यादातर निवेशक 10,20 और 30 करोड़ रुपये वाले आईपीओ में पैसे लगा रहे हैं। एसएमई एक्सचेंज 2012 में शुरू हुआ था। यह बेहतर रिटर्न देकर एक एसेट क्लास के रूप में स्थापित हो चुका है।
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825 कंपनियां एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध
अब तक 825 एसएमई कंपनियां सूचीबद्ध हो चुकी हैं। प्रतीक जैन के मुताबिक, 2020 से मुख्य प्लेटफॉर्म पर 145 कंपनियां सूचीबद्ध हुई हैं। 78% (113 कंपनियां) फायदा और 22% (32) कंपनियां घाटा दी हैं। इसी दौरान एसएमई पर 302 कंपनियां लिस्ट हुईं। 231 यानी 76 फीसदी ने फायदा दिया और 24 फीसदी ने घाटा दिया। इस साल में मुख्य प्लेटफॉर्म पर औसत रिटर्न 30 फीसदी और एसएमई प्लेटफॉर्म पर 43% रहा है।
27 इश्यू ने जुटाए 21 हजार करोड़ रुपये
इस साल मुख्य प्लेटफॉर्म पर कुल 27 इश्यू ने 21 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई। चार इस हफ्ते आ रहे हैं। सबसे ज्यादा रकम 4,326 करोड़ मैनकाइंड फार्मा ने जुटाई। नेक्सस सिलेक्ट ने 3,200 करोड़, कॉनकार्ड बायोटेक ने 1,551 करोड़ और एसबीएफसी ने 1,025 करोड़ रकम जुटाई। सर्वाधिक रकम 2021 में 63 इश्यू से 1.20 लाख करोड़ रुपये जुटाई गई।
एसएमई कंपनियों ने इस साल रिकॉर्ड 2,939 करोड़ जुटाए। 110 कंपनियां बाजार में उतरी हैं। 2022 में 109 कंपनियों ने 1,980 करोड़, 2021 में 59 कंपनियों ने 787 करोड़, 2020 में 27 कंपनियों ने 168 करोड़, 2019 में 54 कंपनियों ने 657 करोड़ और 2018 में 144 कंपनियों ने 2,409 करोड़ जुटाई थी।
म्यूचुअल फंड के जरिये बाजार में लगाएं पैसा
लगातार बदलती दुनिया में निवेशक बेहतर जोखिम-समायोजित रिटर्न प्राप्त करना चाह रहे हैं। ऐसे में जोखिम से बचने के लिए म्यूचुअल फंड के जरिये आप इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इसमें मल्टी एसेट फंड काम कर सकता है। मल्टी-एसेट निवेश एक ऐसी रणनीति है जिसमें इक्विटी, निश्चित आय, रियल एस्टेट, कमोडिटी और कई अन्य परिसंपत्ति वर्गों सहित विभिन्न परिसंपत्ति वर्गों के मिश्रण में निवेश कर सकते हैं। इसका लक्ष्य विविध पोर्टफोलियो बनाना है जो जोखिम को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करते हुए संभावित रूप से स्थिर रिटर्न दे सके।
मल्टी-एसेट निवेश निवेशकों को कई लाभ देता है। जब एक परिसंपत्ति खराब प्रदर्शन करती है तो अन्य परिसंपत्तियां स्थिर या बेहतर प्रदर्शन कर आपको बचाती हैं। इससे सारे पोर्टफोलियो का जोखिम कम हो जाता है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वालों में एक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मल्टी-एसेट फंड है। मल्टी एसेट पोर्टफोलियो विभिन्न बाजारों और परिसंपत्ति वर्गों में अवसरों का लाभ उठाते हैं, जिससे लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न प्राप्त होता है। सचिन अग्रवाल, म्यूचुअल फंड वितरक ने बताया कि आम आदमी के लिए सबसे आसान तरीका मल्टी-एसेट फंड में निवेश करना है। ऐसे फंड कम से कम तीन या अधिक परिसंपत्ति वर्गों में निवेश करते हैं। इनमें इक्विटी, डेट और कमोडिटी हैं। कुछ फंड इनविट और रिट्स में भी निवेश करते हैं।