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8.4 लाख करोड़ के कर्ज का पुनर्गठन कर सकते हैं बैंक

Thu, 20 Aug 2020 08:06 AM IST
संजीव कुमार झा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 20 Aug 2020 08:06 AM IST
सार

  • इंडिया रेटिंग्स का दावा, पुनर्गठन नहीं होने से एनपीए हो जाएंगे 60 फीसदी से अधिक कर्ज
  • कर्ज पुनर्गठन में गैर-कॉरपोरेट क्षेत्र की ज्यादा हो सकती है हिस्सेदारी

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Banks can restructure 8.4 lakh crore loan
Bank Loan restructuring - फोटो : pixabay

विस्तार

आरबीआई की मंजूरी के बाद बैंक 8.4 लाख करोड़ रुपये तक के कर्ज का पुनर्गठन कर सकते हैं। यह बैंकों के कुल कर्ज का 7.7 फीसदी है। घरेलू रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने बुधवार को कहा कि अगर 8.4 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में 60 फीसदी से अधिक का पुनर्गठन नहीं हुआ तो ये एनपीए हो सकते हैं। कर्ज पुनर्गठन से बैंकों को अपनी आय बेहतर करने में मदद मिलेगी और उन्हें एनपीए के लिए अपेक्षाकृत कम प्रावधान करना होगा। इस महीने शुरुआत में आरबीआई ने कर्ज पुनर्गठन पैकेज की घोषणा की थी।

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रेटिंग एजेंसी ने एक रिपोर्ट में कहा, वैश्विक वित्तीय संकट के समय कॉरपोरेट क्षेत्र के 90 फीसदी कर्ज का पुनर्गठन किया गया था। इस बार अन्य क्षेत्रों की हिस्सेदारी ज्यादा होगी, जिनमें छोटे कारोबार, कृषि और खुदरा कर्ज शामिल हैं। अनुमान है कि गैर-कॉरपोरेट क्षेत्र के कुल 2.1 लाख करोड़ के कर्ज का पुनर्गठन किया जाना है, जो कोविड-19 महामारी की शुुरुआत से ही संकट की ओर इशारा करने लगे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, पुनर्गठन में रियल एस्टेट और होटल जैसे क्षेत्रों की हिस्सेदारी ज्यादा हो सकती है। हालांकि, बुनियादी ढांचा क्षेत्र, बिजली और निर्माण क्षेत्रों की हिस्सेदारी सर्वाधिक रहेगी।
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कोरोना माहामारी ने कर्ज में किया इजाफा
रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉरपोरेट क्षेत्र के 4 लाख करोड़ के कर्ज पर महामारी के पहले से ही जोखिम बना हुआ था। महामारी से इसमें 2.5 लाख करोड़ का इजाफा हो गया। गैर-कॉरपोरेट क्षेत्र में यह वृद्धि और अधिक हुई है। पहले इस क्षेत्र में महज 70 हजार करोड़ के कर्ज पर संकट था, जिनके अब बढ़कर 2.1 लाख करोड़ तक पहुंचने की आशंका है। कॉरपोरेट क्षेत्र में 3.3 लाख करोड़ से 6.3 लाख करोड़ रुपये तक के कर्ज का पुनर्गठन हो सकता है, जो इस बात पर निर्भर करेगा कि बैंक क्या रणनीति अपनाते हैं।

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