{"_id":"5f06b6fc27bd5e355323ea0e","slug":"yes-bank-will-raise-15000-crore-rupees-by-fpo-offer-to-open-on-17-july","type":"story","status":"publish","title_hn":"FPO के जरिए 15,000 करोड़ रुपये जुटाएगा यस बैंक, 15 जुलाई को खुलेगी पेशकश","category":{"title":"Banking Beema","title_hn":"बैंकिंग बीमा","slug":"banking-beema"}}
FPO के जरिए 15,000 करोड़ रुपये जुटाएगा यस बैंक, 15 जुलाई को खुलेगी पेशकश
Thu, 09 Jul 2020 11:49 AM IST
डिंपल अलवधी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Thu, 09 Jul 2020 11:49 AM IST
विज्ञापन
Yes Bank
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निजी क्षेत्र के यस बैंक ने गुरुवार को कहा कि उसने अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (एफपीओ) के जरिए ताजा इक्विटी शेयर जारी करके 15,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है। पेशकश 15 जुलाई 2020 को खुलेगी और 17 जुलाई 2020 को बंद होगी।
विज्ञापन
इस सप्ताह मिली थी मंजूरी
इस सप्ताह की शुरुआत में यस बैंक को अपने निदेशक मंडल की पूंजी जुटाने वाली समिति (सीआरसी) से पेशकश के जरिए धन जुटाने की मंजूरी मिली थी। यस बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि बैंक ने महाराष्ट्र में कंपनी पंजीयक के समक्ष सात जुलाई 2020 को रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरआरपी) दाखिल किया।
विज्ञापन
कर्मचारियों के लिए 200 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित
यस बैंक ने कहा कि एफपीओ पेशकश 15,000 करोड़ रुपये की है। इसके तहत ताजा शेयर जारी किए जाएंगे और इसमें कर्मचारियों के लिए 200 करोड़ रुपये के शेयर आरक्षित होंगे।
विज्ञापन
1,760 करोड़ का निवेश करेगा एसबीआई
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक बयान में कहा कि उसके केंद्रीय बोर्ड की कार्यकारी समिति ने बुधवार को यस बैंक के एफपीओ में अधिकतम 1,760 करोड़ रुपये तक निवेश को मंजूरी दे दी है। सरकार ने 13 मार्च को यस बैंक के लिए एक बेलआउट योजना को मंजूरी दी थी। योजना के तहत यस बैंक को आठ वित्तीय संस्थानों से लगभग 10,000 करोड़ रुपये मिले थे। इसमें एसबीआई से मिले 6,050 करोड़ रुपये शामिल थे।
यस बैंक में सबसे ज्यादा SBI की हिस्सेदारी
यस बैंक में एसबीआई सहित अन्य बैंकों व वित्तीय संस्थानों की करीब 66.94 फीसदी हिस्सेदारी है। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा एसबीआई के पास 48.21 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक के पास 7.95 फीसदी और एक्सिस बैंक के पास 4.78 फीसदी है।