किसी भी बैंक से जमा कर सकेंगे अपने खाते में पैसे, जानिए कैसे
भारतीय रिजर्व बैंक सभी कैश डिपोजिट मशीनों को नेशनल फाइनेंशियल स्विच (एनएफएस) से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। इस सुविधा के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी बैंक की कैश डिपोजिट मशीन के जरिए अपने खाते में पैसे जमा कर सकेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एचआर खान ने पत्रकारों को बताया कि सभी एटीएम पहले से ही एनएफएस से जुड़े हुए हैं। अब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन की तरफ से सभी कैश डिपोजिट मशीनों को भी एनएफएस से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है।
अगर रिजर्व बैंक की यह पहल सुचारु रूप से लागू हो जाती है तो फिर खाताधारकों को अपने खाते में पैसे जमा करने के लिए लंबी-लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा और वे किसी भी बैंक की कैश डिपोजिट मशीन से अपने अकाउंट में पैसे जमा कर सकेंगे।
साइबर सिक्योरिटी पर फोकस
जब खान से एटीएम इंटरचेंज फीस के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसके बारे में फैसला लेने का हक रिजर्व बैंक ने बैंकों को दे रखा है।
आपको बता दें कि बैंकों को इस मामले में कुछ परेशानियां हैं। खान से यह बातचीत मुंबई में देना बैंक की सेल्फ सर्विस ई-स्मार्ट फैसिलिटी के उद्घाटन समारोह के दौरान की गई।
खान ने यह भी बताया कि बढ़ती हुई फिशिंग और हैकिंग को देखते हुए रिजर्व बैंक साइबर सिक्योरिटी पर भी फोकस कर रहा है। जब खान से रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन को आईएसआईएस की तरफ से मिली धमकी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।