फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Banking Beema ›   government to tweak aadhaar act for giving relief to telecom companies and banks

मोबाइल कंपनियों को राहत देने के लिए आधार एक्ट में बदलाव करेगी सरकार

Thu, 27 Sep 2018 11:29 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 27 Sep 2018 11:29 AM IST
विज्ञापन
government to tweak aadhaar act for giving relief to telecom companies and banks

आधार के मोबाइल कंपनी और बैंकों द्वारा इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद अब सरकार आधार एक्ट में बदलाव करने का मन बना रही है। इस बदलाव के बाद निजी मोबाइल कंपनियां और बैंक आधार का पहले की तरह इस्तेमाल नई सिम लेने या फिर खाता खोलने के लिए कर सकेंगे।

विज्ञापन


सेक्शन 57 को हटाया

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आधार एक्ट के सेक्शन 57 को हटा दिया था। इस सेक्शन की बदौलत ही मोबाइल कंपनियां और बैंक आधार नंबर के जरिए खाता खोलते थे या फिर सिम जारी करते थे। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि जल्द ही सरकार फैसले को पढ़ने के बाद बैंकों, मोबाइल कंपनियों और प्रतियोगी परीक्षाएं कराने वाले सरकारी संस्थानों के लिए नियमों में बदलाव करेगी।
विज्ञापन


सीबीएसई को भी मिल सकती है राहत

कानून मंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं कराने वाली सीबीएसई और अन्य शैक्षिक संस्थानों को राहत देने के लिए भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय से बातचीत की जाएगी। प्रसाद ने फिनटेक कंपनियों से भी चिंता नहीं करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने कहा है कि यह फैसला आधार की जीत है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि प्राइवेट कंपनियों को भी बिना कानून बनाए इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है।

अब ऐसी निजी कंपनियों, बैंकों व संस्थानों को अगर आधार डाटा का इस्तेमाल करना है, तो फिर सरकार कानून लेकर आए और फिर इसकी अनुमति मिल सकती है।

कोर्ट ने यह दिया था फैसला

उच्चतम न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति ए. के. सीकरी ने आधार पर फैसला देते हुए कहा कि संवैधानिक रूप आधार वैध है। आधार की संवैधानिक वैधता और इसे लागू करने वाले वर्ष 2016 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर साढ़े चार महीने बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

कोर्ट ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ होने के मुकाबले अनूठा होना बेहतर है, आधार का अर्थ अनूठा है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि आधार के लिए यूआईडीएआई ने न्यूनतम जनांकीकीय और बायोमेट्रिक आंकड़े एकत्र किये।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा कि आधार का लक्ष्य कल्याणकारी योजनाओं को समाज के वंचित तबके तक पहुंचाना है और वह ना सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि समुदाय के दृष्टिकोण से भी लोगों के सम्मान का ख्याल रखती है।


शीर्ष अदालत ने कहा कि आधार जनहित में बड़ा काम कर रहा है और आधार का मतलब है अनोखा और सर्वश्रेष्ठ होने के मुकाबले अनोखा होना बेहतर है। न्यायमूर्ति सीकरी ने कहा, किसी भी बच्चे को आधार नंबर नहीं होने के कारण लाभ/सुविधाओं से वंचित नहीं किया जा सकता है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed