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एक से दो महीनों में हो सकता है बैड बैंक का गठन, जानिए इससे क्या होगा फायदा
Wed, 03 Feb 2021 03:08 PM IST
डिंपल अलावाधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Wed, 03 Feb 2021 03:08 PM IST
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बैंक
- फोटो : iStock
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने बैंको को गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) की समस्या से निजात दिलाने के लिए एक फरवरी को आम बजट में बैड बैंक के गठन का प्रस्ताव रखा है। डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज के सचिव देबाशीष पांडा ने कहा है कि इस बैड बैंक की स्थापना एक से दो महीनों में हो सकती है। सरकार बैड बैंक की शुरुआत अगले महीने या मार्च 2021 तक कर देगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा कि शुरुआत में इस बैंक में दो से ढाई लाख करोड़ रुपये तक के एनपीए शामिल होंगे। बैड बैंक से एनपीए रिजॉल्यूशन में आसानी होगी।
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बैंको को डूबे कर्ज से बाहर निकालेगा यह बैंक
इस बैड बैंक को डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टिट्यूशन के नाम से जाना जाएगा। इस बैंक की स्थापना का मुख्य उद्देश्य बैंको को डूबे कर्ज से बाहर निकालना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इसके लिए 20 हजार करोड़ रुपये की घोषणा की है। बता दें कि इससे पहले आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 पेश करने के बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने भी इसकी वकालत की थी।
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कई देशों में काम कर रहे हैं इस तरह के बैंक
बैंक काफी समय से बैड बैंक की स्थापना की मांग कर रहे हैं, जिससे कोरोना जैसे कठिन समय में डूबे कर्ज का दबाव कम हो सके। इस तरह के बैंक विश्व के कई देशों में काम कर रहे हैं। इन बैंकों का काम पीएसयू बैंक को बैड एसेट्स को गुड ऐसेट्स में बदलना होता है।
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इसका लक्ष्य कई जटिल मुद्दों को सुलझाकर बैंकों को बिजनेस पर फोकस करने के लिए स्वतंत्र रखना है। गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) वाला एक वित्तीय संस्थान मार्केट वैल्यू पर बैड बैंक को अपनी होल्डिंग बेच सकता है, जिससे उन्हें अपनी बैलेंस शीट को क्लियर करने में मदद मिलती है।
आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) ने सितंबर-2020 से सितंबर 2021 के अपने लेटेस्ट फाइनेंशियल स्टेबिलिटि रिपोर्ट में सभी कमर्शियल बैंकों के ग्रोस नॉन परफॉर्मिंग असेट्स (GNPA) रेशियो के 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 13.5 फीसदी होने की उम्मीद जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक अगर इसमे सुधार नहीं की जाएगी तो वर्ष 2022 तक ग्रॉस एनपीए (GNPA) रेशियो बढ़कर 14.8 फीसदी हो सकता है।