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France: अब एयरबस भारत में तैयार करेगा H125 हेलीकॉप्टर, आठ एफएएल साइट का इस साल होगा भूमिपूजन
Sun, 21 Jul 2024 04:51 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 21 Jul 2024 04:51 PM IST
सार
यूरोप की प्रमुख एयरलाइन निर्माता कंपनी एयरबस ने H125 हेलीकॉप्टरों के लिए अपनी अंतिम असेंबली लाइन स्थापित करने के लिए भारत में आठ स्थानों को चुना है और इस सुविधा के लिए भूमिपूजन समारोह इस साल के अंत में होने की उम्मीद है।
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एयरबस ने H125 हेलीकॉप्टर बनाने के लिए चुने आठ एफएएल साइट
- फोटो : ANI
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विस्तार
दुनिया भर में एयरलाइन निर्माता कंपनी एयरबस की मात्र ऐसी तीन जगहें हैं जहां कंपनी ने अपने अंतिम असेंबली लाइन स्थापित किए गए हैं। अंतिम असेंबली लाइन का मतलब जहां कंपनी अपने H125 हेलीकॉप्टर्स का निर्माण करती है। वहीं एयरबस के अधिकारियों ने कहा कि यह सुविधा, जो एकल इंजन H125 के लिए चौथी अंतिम असेंबली लाइन (एफएएल) होगी, शुरू में सालाना 10 हेलीकॉप्टरों का उत्पादन करेगी और बाजार की मांग के आधार पर क्षमता बढ़ाई जाएगी।
'भारत हेलीकॉप्टरों के लिए भविष्य का बाजार'
एयरबस हेलीकॉप्टर के वैश्विक व्यापार के कार्यकारी उपाध्यक्ष ओलिवियर माइकलॉन ने कहा, भारत हेलीकॉप्टरों के लिए भविष्य का बाजार है। वर्तमान में, बाजार बेहद प्रारंभिक अवस्था में है, जो कि संभावित संभावनाओं की तुलना में बहुत छोटा है। एफएएल के लिए भूमिपूजन समारोह इस साल अक्टूबर या नवंबर में होने की उम्मीद है और यह सुविधा 2026 में चालू हो जाएगी जबकि डिलीवरी 2026 के अंत में शुरू होने की उम्मीद है।
'बाजार की मांग के आधार पर बढ़ेगा निर्माण'
ओलिवियर माइकलॉन ने बताया कि हमने आठ जगहों की पहचान की है जिनका हम वर्तमान में मूल्यांकन कर रहे हैं। हम अभी भी मूल्यांकन के अंतिम चरण में हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में मैरिग्नेन में एक ब्रीफिंग में माइकलॉन ने कहा, हम आकर्षक और ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र में रहना चाहते हैं जो औद्योगिक गतिविधियों, रसद, कर्मचारियों और निश्चित रूप से, विनियमों के लिए सबसे उपयुक्त हो। वहीं ओलिवियर माइकलॉन ने जोर देकर कहा कि 10 हेलीकॉप्टरों का निर्माण बहुत ज्यादा नहीं है और बाजार की मांग के आधार पर कुछ सालों में यह 20, 30 या 50 हो सकता है।
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अगले 20 सालों में H125 की मांग 500 होने का अनुमान
ओलिवियर माइकलॉन ने कहा कि हम हेलीकॉप्टर बनाते हैं, बेचते हैं और उनका समर्थन करते हैं। साथ ही, हम सॉल्यूशन बनाते हैं, बेचते हैं और उनका समर्थन करते हैं। यही हम प्रदान कर सकते हैं। मेक इन इंडिया सॉल्यूशन भी। वहीं भारत और दक्षिण एशिया में एयरबस हेलीकॉप्टर के प्रमुख सनी गुगलानी ने ब्रीफिंग में कहा कि एयरबस ने अगले 20 सालों में भारत और पड़ोसी देशों में H125 हेलीकॉप्टरों की मांग 500 होने का अनुमान लगाया है। जानकारी के मुताबिक एयरबस गुजरात के वडोदरा में सी295 विमान के लिए एफएएल भी स्थापित कर रहा है।
दुनिया में 7,200 से ज्यादा H125 हेलीकॉप्टर भर रहे उड़ान
बता दें कि मैरिग्नेन एयरबस हेलीकॉप्टर का मुख्यालय है। जबकि एयरबस के लिए, H125 भारत के साथ-साथ दक्षिण एशिया क्षेत्र में सबसे अधिक बिकने वाला हेलीकॉप्टर है। जो छह लोगों को ले जा सकता है। भारत और दक्षिण एशिया (भारत, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव) में लगभग 350 नागरिक और आधे-सार्वजनिक हेलीकॉप्टर हैं। एयरबस के अनुसार, उनमें से 250 से भी कम हेलीकॉप्टर भारत में सेवा में हैं। भारत में करीब 100 एयरबस हेलीकॉप्टर हैं, जिनमें से ज्यादातर H125 और 130 हैं। दुनिया भर में 4300 से ज्यादा H125 हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं।
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'भारत हेलीकॉप्टरों के लिए भविष्य का बाजार'
एयरबस हेलीकॉप्टर के वैश्विक व्यापार के कार्यकारी उपाध्यक्ष ओलिवियर माइकलॉन ने कहा, भारत हेलीकॉप्टरों के लिए भविष्य का बाजार है। वर्तमान में, बाजार बेहद प्रारंभिक अवस्था में है, जो कि संभावित संभावनाओं की तुलना में बहुत छोटा है। एफएएल के लिए भूमिपूजन समारोह इस साल अक्टूबर या नवंबर में होने की उम्मीद है और यह सुविधा 2026 में चालू हो जाएगी जबकि डिलीवरी 2026 के अंत में शुरू होने की उम्मीद है।
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'बाजार की मांग के आधार पर बढ़ेगा निर्माण'
ओलिवियर माइकलॉन ने बताया कि हमने आठ जगहों की पहचान की है जिनका हम वर्तमान में मूल्यांकन कर रहे हैं। हम अभी भी मूल्यांकन के अंतिम चरण में हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में मैरिग्नेन में एक ब्रीफिंग में माइकलॉन ने कहा, हम आकर्षक और ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र में रहना चाहते हैं जो औद्योगिक गतिविधियों, रसद, कर्मचारियों और निश्चित रूप से, विनियमों के लिए सबसे उपयुक्त हो। वहीं ओलिवियर माइकलॉन ने जोर देकर कहा कि 10 हेलीकॉप्टरों का निर्माण बहुत ज्यादा नहीं है और बाजार की मांग के आधार पर कुछ सालों में यह 20, 30 या 50 हो सकता है।
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अगले 20 सालों में H125 की मांग 500 होने का अनुमान
ओलिवियर माइकलॉन ने कहा कि हम हेलीकॉप्टर बनाते हैं, बेचते हैं और उनका समर्थन करते हैं। साथ ही, हम सॉल्यूशन बनाते हैं, बेचते हैं और उनका समर्थन करते हैं। यही हम प्रदान कर सकते हैं। मेक इन इंडिया सॉल्यूशन भी। वहीं भारत और दक्षिण एशिया में एयरबस हेलीकॉप्टर के प्रमुख सनी गुगलानी ने ब्रीफिंग में कहा कि एयरबस ने अगले 20 सालों में भारत और पड़ोसी देशों में H125 हेलीकॉप्टरों की मांग 500 होने का अनुमान लगाया है। जानकारी के मुताबिक एयरबस गुजरात के वडोदरा में सी295 विमान के लिए एफएएल भी स्थापित कर रहा है।
दुनिया में 7,200 से ज्यादा H125 हेलीकॉप्टर भर रहे उड़ान
बता दें कि मैरिग्नेन एयरबस हेलीकॉप्टर का मुख्यालय है। जबकि एयरबस के लिए, H125 भारत के साथ-साथ दक्षिण एशिया क्षेत्र में सबसे अधिक बिकने वाला हेलीकॉप्टर है। जो छह लोगों को ले जा सकता है। भारत और दक्षिण एशिया (भारत, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव) में लगभग 350 नागरिक और आधे-सार्वजनिक हेलीकॉप्टर हैं। एयरबस के अनुसार, उनमें से 250 से भी कम हेलीकॉप्टर भारत में सेवा में हैं। भारत में करीब 100 एयरबस हेलीकॉप्टर हैं, जिनमें से ज्यादातर H125 और 130 हैं। दुनिया भर में 4300 से ज्यादा H125 हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं।