Flights: कन्नूर-कोझिकोड से हज उड़ानें शुरू करेगी एयर इंडिया एक्सप्रेस; गो फर्स्ट ने रद्द कीं निर्धारित उड़ानें
केरल के दो शहरों के लिए सरकार द्वारा जारी बोली जीतने के बाद यह पहली बार है जब एयरलाइन एयर इडिया एक्सप्रेस हज सेवाओं का संचालन कर रही है।
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एयर इंडिया एक्सप्रेस चार जून से कन्नूर और कोझीकोड से हज के लिए उड़ानों का संचालन शुरू करेगी। शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में एयरलाइन ने कहा कि हज चार्टर दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में यह कोझीकोड से 44 उड़ानें और कन्नूर से 13 उड़ाने जेद्दाह के लिए संचालित करेगा। एयरलाइन की 8,236 हज यात्रियों को ले जाने की योजना है। दूसरे चरण में एयरलाइन मदीना से कोझिकोड के लिए 44 उड़ानें और मदीना से कन्नूर के लिए 13 उड़ानें संचालित करेगी।
विज्ञप्ति में कहा गया है, केरल के दो शहरों के लिए सरकार द्वारा जारी बोली जीतने के बाद यह पहली बार है जब एयरलाइन हज सेवाओं का संचालन कर रही है। एयरलाइन ने बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए अपने बोर्डिंग पास ले जाने के लिए कलर-कोडेड पाउच और चमकीले रंग के सामान टैग पेश किए हैं ताकि आसानी से पहचान की जा सके और सामान को गलत तरीके से संभालने से रोका जा सके। वापसी के दौरान एयरलाइन अपनी उड़ानों में जम जम पानी का परिवहन करेगी और इसे कोझिकोड और कन्नूर हवाई अड्डों पर रखेगी। इसमें कहा गया है कि यहां पहुंचने पर प्रत्येक तीर्थयात्री को जम जम पानी का पांच लीटर का कैन दिया जाएगा।
परिचालन कारणों से सात जून तक गो फर्स्ट की उड़ानें रद्द
इस बीच, गो फर्स्ट ने सात जून तक के लिए निर्धारित उड़ानों को रद्द कर दिया है। एयरलाइन ने कहा, हमें यह बताते हुए खेद है कि परिचालन कारणों से 7 जून, 2023 तक निर्धारित गो फर्स्ट उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। हम उड़ान रद्द होने के कारण हुई असुविधा के लिए माफी मांगते हैं। शीघ्र ही भुगतान वापस कर दिया जाएगा। हम मानते हैं कि उड़ान रद्द होने से आपकी यात्रा योजना बाधित हो सकती है और हम सभी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
गो फर्स्ट ने डीजीसीए को सौंपी पुनरुद्धार योजना
नकदी संकट से जूझ रही गो फर्स्ट ने 26 विमानों और 152 दैनिक उड़ानों के साथ फिर से परिचालन शुरू करने की योजना बनाई है और उसने विमानन नियामक डीजीसीए को पुनरुद्धार योजना सौंपी है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इसके अलावा, एयरलाइन पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ऋणदाताओं के साथ चर्चा कर रही है। एयरलाइन ने 3 मई से उड़ानें बंद कर दी हैं और अभी तक कुछ वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों और पायलटों को भुगतान नहीं किया है।
नाम न छापने की शर्त पर सूत्र ने कहा कि एयरलाइन का वेतन खर्च लगभग 30 करोड़ रुपये प्रति माह है और वर्तमान में कार्यबल लगभग 4,700 है क्योंकि कई लोगों ने एक महीने में अपने पद छोड़ दिए हैं। सूत्र ने कहा कि एयरलाइन प्रबंधन पुनरोद्धार योजना के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की मंजूरी का इंतजार कर रहा है और नियामक की मंजूरी के बाद परिचालन जल्द ही फिर से शुरू हो जाएगा।