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सरकार की अनुमति पर ही पड़ोसी देश कर सकेंगे वाणिज्यिक खनन में निवेश
Tue, 04 Aug 2020 03:55 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 04 Aug 2020 03:55 AM IST
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केंद्र सरकार ने सोमवार को स्पष्ट कहा है कि पड़ोसी देशों को वाणिज्यिक खनन में प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) के लिए सरकार से अनुमति लेनी होगी। यह नियम मौजूदा समय में चल रही कोयला खान नीलामी की प्रक्रिया में भी अपनाया जाएगा।
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कोयला मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वाणिज्यिक खनन में आने वाला कोई भी एफडीआई केंद्र सरकार की ओर से जारी 2020 के प्रेस नोट 3 के तहत कानून का विषय माना जाएगा। इसमें कहा गया है कि भारतीय सीमा के साथ जुड़े देशों की कोई भी कंपनी वाणिज्यिक खनन में निवेश सरकार की अनुमति पर ही कर सकेगी।
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मसलन, अगर पाकिस्तान की कोई कंपनी या नागरिक भारत के वाणिज्यिक खनन में निवेश करना चाहते हैं तो सरकार की अनुमति आवश्यक होगी। इस बाबत एक शुद्धिपत्र भी जारी किया जा चुका है। सरकार ने पिछले दिनों एफडीआई पॉलिसी 2017 में संशोधन कर कोयला खनन क्षेत्र में ऑटोमेटिक रूट से 100 फीसदी एफडीआई की अनुमति दे दी है।
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यानी इसमें कोई विदेश कंपनी या नागरिक सीधे तौर पर निवेश कर सकता है। हालांकि, पड़ोसी देशों के लिए इस नियम में विशेष प्रावधान किए हैं और निवेश से पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी।