फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   5 things to keep in mind before buying a corona kavach policy

कोरोना कवच पॉलिसी खरीदने से पहले इन पांच बातों का रखें ध्यान

Mon, 27 Jul 2020 07:06 AM IST
अवधेश कुमार कालीचरण, नई दिल्ली
कालीचरण, नई दिल्ली Published by: अवधेश कुमार Updated Mon, 27 Jul 2020 07:06 AM IST
सार

  • एक क्लेम के बाद बंद हो जाएगी पॉलिसी    
  • 5 लाख रुपये अधिकतम मिलता है कवर इस पॉलिसी में
  • कवर के साथ वित्तीय सुरक्षा भी

विज्ञापन
5 things to keep in mind before buying a corona kavach policy
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Smartprix / twitter

विस्तार

कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के निर्देश पर कंपनियों ने कोरोना कवच पॉलिसी पेश की है। इसमें कोरोना संक्रमित होने पर अस्पताल में इलाज, भर्ती से पहले एवं बाद के खर्च, घर में देखभाल और आयुष से जुड़े खर्च शामिल होंगे। पॉलिसी खरीदने की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 65 साल है। बच्चे के लिए न्यूनतम उम्र एक दिन और अधिकतम 25 साल होनी चाहिए। अधिकतम 5 लाख रुपये तक कवर मिलता है। एक बार क्लेम के बाद यह पॉलिसी बंद हो जाएगी। पॉलिसी खरीदने से पहले इन पांच बातों का जरूर ध्यान रखें।

विज्ञापन


देनी होगी ऑनलाइन जानकारी कुछ बीमा कंपनियां ही ऑनलाइन पॉलिसी बेच रही हैं। इसके लिए कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरना होता है। इसमें भरे विवरण के अनुसार कंपनियां आपसे संपर्क करती हैं।
विज्ञापन


पुरानी बीमारियां शामिल नहीं कोरोना कवच में पुरानी बीमारियां शामिल नहीं है। लेकिन, कुछ कंपनियां अधिक कीमत पर एड-ऑन के रूप में प्री-एक्जिस्टिंग डिजीज को भी शामिल करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हॉस्पिटल का बिल ज्यादा आए तो...

कोविड-19 संक्रमण के कारण

अस्पताल में भर्ती मरीज कोरोना कवच पॉलिसी के तहत क्लेम कर सकता है। अगर अस्पताल का बिल इसके कुल सम एश्योर्ड से ज्यादा आता है तो नियमित स्वास्थ्य पॉलिसी से अतिरिक्त राशि 
का भुगतान कर सकता है।

जरूर लें प्री-अप्रूवलघर पर इलाज के लिए उसी अस्पताल से पैकेज लें, जो बीमाकर्ता के नेटवर्क में हो। इसके लिए पहले से अप्रूवल नहीं लेना पड़ता है। लेकिन, अस्पताल अगर गैर-नेटवर्क का हो तो इलाज से पहले प्री-अप्रूवल जरूर लें।

पीपीई कवर है या नहीं

अगर आपके नियमित स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में कोरोना कवर हैं तो कोरोना कवच जरूरी नहीं है। हालांकि, कई बीमा कंपनियां सामान्य पॉलिसी में इन बीमारियों पर क्लेम तो देती हैं, लेकिन पीपीई कवर नहीं करती हैं। ऐसे में पॉलिसी के साथ कोरोना कवच जरूर खरीदें।

पॉलिसी में ये होंगे कवर

अस्पताल में भर्ती पर :  बेड-नर्सिंग चार्ज, ब्लड टेस्ट, पीपीई किट, ऑक्सीजन, आईसीयू और डॉक्टर की कंसल्टेशन फी।
भर्ती से पहले : कंसल्टेशन, चेक अप, डाइग्नोसिस खर्च। भर्ती से 15 दिन पहले तक कवर। डिस्चार्ज के 30 दिन बाद तक कवर।
घर पर इलाज : इलाज और दवाइयों का खर्च 14 दिन तक कवर।

कवर के साथ वित्तीय सुरक्षा भी

कोरोना कवच को स्टैंडअलोन या मौजूदा स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के साथ अतिरिक्त कवर के रूप में भी लिया जा सकता है। यह खासतौर पर उनके लिए फायदेमंद है, जिनके पास कोई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी नहीं है और कोरोना के इलाज के दौरान बीमा कवर के साथ वित्तीय सुरक्षा चाहते हैं। -गुरदीप सिंह बत्रा, हेड, रिटेल अंडरराइटिंग, बजाज आलियांज

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed