बोलिविया में सालर डि उयूनी दुनिया का सबसे बड़ा नमक का मैदान है। यह समुद्र तल से 3,656 मीटर ऊंचाई पर एंडीज पठार के 10,500 वर्ग किलोमीटर में फैला है। साथ ही यह बोलिविया का सबसे लोकप्रिय पर्यटन केंद्र है। दुनिया भर से पर्यटक यहां के विशाल सफेद मैदान को देखने आते हैं। सफेद मैदान के बीच ज्वालामुखीय चट्टानें छोटे द्वीपों की तरह दिखती हैं, मानो सफेद कैनवास पर काले बिंदु हों। इनमें सबसे मशहूर है क्वेशुआ में 'इंका का घर' या 'इंकाहाउसी'। इंका सभ्यता के लोग नमक के मैदान को पार करते समय अस्थायी रूप से यहां शरण लेते थे।
रहस्यों से भरा है दुनिया का सबसे बड़ा नमक का मैदान, यहां हैं अजीबोगरीब झीलें
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40 मीटर तक ऊंची इन चट्टानों के आसपास प्रवाल जैसी दुर्लभ संरचनाएं और समुद्री सीपों के जीवाश्म दिखते हैं। ये प्रागैतिहासिक झील (मिनचिन झील) के आखिरी अवशेष हैं। वह विशाल झील 20 हजार से लेकर 40 हजार साल पहले तक सूख गई थी। इंकाहाउसी पर हजारों कैक्टस (ट्राइकोसेरस पासाकाना) धीरे-धीरे आसमान की ओर बढ़ते हैं। ये खूबसूरत पौधे साल में केवल एक या दो सेंटीमीटर बढ़ते हैं। इनकी ऊंचाई 10 मीटर और जीवन 300 साल तक का हो सकता है।
नमक के मैदान लगभग पूरी तरह समतल हैं। किसी एक जगह से दूसरी जगह की ऊंचाई में एक मीटर से ज्यादा का अंतर नहीं है। बारिश होने पर या पास की झील से पानी का बहाव होने पर यह इलाका एक विशाल झील में तब्दील हो जाता है। इसी वजह से सालर डि उयूनी घूमने का सबसे सही समय बारिश के मौसम (दिसंबर से मार्च या अप्रैल तक) के ठीक बाद का है। इस दौरान नमक के मैदान के ऊपर पानी की पतली परत उसे एक विशाल आईने में बदल देती है, जिसमें बादल चलते हुए दिखते हैं।
बोलिविया की नेशनल सर्विस ऑफ प्रोटेक्टेड एरियाज के विशेषज्ञों के मुताबिक, सालर डि उयूनी को आकार देने वाली भूमिगत शक्तियों ने दक्षिण-पश्चिमी बोलिविया को बहुत प्रभावित किया है। सालर डि उयूनी से 300 किलोमीटर से भी कम दूरी पर दक्षिण में एडुआर्डो एवारोआ नेशनल एंडियन वाइल्डलाइफ रिजर्व है। यहां कई भू-तापीय विशेषताएं दिखती हैं, जैसे सोल डि मनाना गीजर बेसिन। यह देश के सबसे विविधतापूर्ण भू-क्षेत्रों में से एक है। सोल डि मनाना गीजर की तरह है। कीचड़ से भरे गड्ढों में हमेशा बुलबुले उठते हैं जिनसे सल्फर गैस बाहर निकलती रहती है। सुबह होते ही यहां के गर्म पानी के प्राकृतिक झरनों को देखने के लिए गाड़ियों के काफिले आते हैं। यहां की सुबह बहुत ठंडी होती है। हवा और धरती के अंदर से निकलने वाली गैसों के तापमान में बहुत ज्यादा अंतर होता है। यह भू-तापीय गतिविधि सबसे ज्यादा सुबह ही दिखती है। गर्म गैसों का विस्फोट 100 मीटर ऊपर तक जा सकता है।
सोल डि मनाना से केवल 45 किलोमीटर दूर वन्यजीव अभयारण्य के अंदर ही लगभग 4,300 मीटर की ऊंचाई पर लैगूना कोलोराडो (लाल झील) है। नमक की यह झील एक मीटर से भी कम गहरी है और यह अपने लाल रंग के पानी के लिए जानी जाती है। खनिजों से समृद्ध झील का यह रंग कई भूमिगत गर्म झरनों के कारण है जो झील का तापमान बढ़ाते रहते हैं। इस तापमान में डुनालिएला सैलीना शैवाल भी बढ़ते हैं। इस शैवाल का लाल पिगमेंट, जू प्लैंकटन (जीव-अवशेष) और फाइटोप्लैंकटन (पादप-अवशेष) के तलछट के साथ मिलकर खाड़ी के पानी को लाल रंग देते हैं।