{"_id":"575ea4064f1c1bbb6411be6b","slug":"four-year-boy-saved-his-little-brother-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"4 साल के बड़े भाई ने छोटे भाई की बोन मेरो ट्रांस्प्लांट कर बचाई जान","category":{"title":"World of Wonders","title_hn":"ऐसा भी होता है","slug":"world-of-wonders"}}
4 साल के बड़े भाई ने छोटे भाई की बोन मेरो ट्रांस्प्लांट कर बचाई जान
टीम डिजिटल/अमर उजाला,दिल्ली
Updated Mon, 13 Jun 2016 06:51 PM IST
विज्ञापन
बड़ा भाई इथान छोटे भाई जैकब के माथे को चूम रहा है।
- फोटो : EVISON FAMILY
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैंसर से जूझ रहे अपने छोटे भाई की जिंदगी बचाने के लिए 4 साल के बड़े भाई ने बोर्न मेरो ट्रांस्प्लांट कराया है। जैकब इवेजन जब चार महीने के थे तो उनकी बीमारी का इलाज करने के लिए डॉक्टरों ने ब्लड
विज्ञापन
ट्रांस्फ्यूजन किया और उनकी कई बार कीमोथेरेपी भी की गई। दरअसल जैकब का ल्यूकेमिया का इलाज किया जा रहा था। ल्यूकेमिया एक तरह का कैंसर होता है और यह शरीर के अंदर बनने वाले व्हाइट ब्लड सेल को प्रभावित करता है।
विज्ञापन
कीमोथेरेपी और ब्लड ट्रांस्फ्यूजन से जैकब के इलाज में ज्यादा फायदा नहीं पहुंच रहा था और इसका एक ही इलाज था कि जैकब को बोन मेरो ट्रांस्प्लांट किया जाए। जब बोन मेरो ट्रांस्प्लांट के लिए डोनर की तलाश की गई तो मैच का डोनर नहीं मिला। 34 वर्षीय जैकब के पिता मट्ट ने बताया जैकब का बड़ा भाई इथान तीन साल का था और उसका बोन मेरो जैकब से मैच करता था।
विज्ञापन
उन्होंने कहा तीन साल के बच्चे को समझाना मुश्किल था कि तुम्हें डॉक्टरों से भरे रूम में भेजा जा रहा है। जहां सभी डॉक्टर चेहरे पर मास्क लगाए होंगे और कमरे में जाने के बाद वह तुम्हें सुला देंगे। और जब तुम उठोगे तो तुम्हें काफी तक्लीफ होगी। लेकिन यह सब तुम अपने छोटे भाई के लिए करोगे।
बोन मेरो ट्रांस्प्लांट के बाद पिता ने डाक्टरों ने की तारीफ की बड़ा भाई की पहले निमोनिया की वजह से बहुत तबीयत खराब रही है और उसको आईसीयू तक में भर्ती करना पड़ा था। लेकिन इथान की हिम्मत को सलाम करना होगा उसने बोन मेरो ट्रांस्प्लांट इतनी आसानी से करा लिया और इसकी वजह से उसके छोटे भाई को एक नई जिंदगी मिल गई।