फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

आखिर चांद पर इंसान भेजने से अमेरिका को क्या मिला था?

Thu, 05 Mar 2020 06:49 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Thu, 05 Mar 2020 06:49 PM IST
विज्ञापन
What did US get by sending humans to the moon
चांद की सतह पर इंसान - फोटो : Social media

1960 के दशक में अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध चरम पर था। अंतरिक्ष में भी एक-दूसरे को पीछे छोड़ने की होड़ लगी हुई थी। अंतरिक्ष की इस रेस में सोवियत संघ, अमेरिका से आगे चल रहा था। उसने अंतरिक्ष में अमेरिका से पहले इंसान भेजने में कामयाबी हासिल की थी। इसलिए, अमेरिकी सरकार भी सोवियत संघ से पहले चांद पर इंसान को भेजना चाहती थी। 

What did US get by sending humans to the moon
चंद्रमा की सतह - फोटो : Social media

अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन कैनेडी ने नासा के सामने लक्ष्य रखा था कि वो इंसान को चांद पर सोवियत संघ से पहले भेजने के मिशन को अंजाम दे। लिहाजा नासा ने चांद पर इंसान को तो भेजा ही। साथ ही अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने ये भी साबित करने की कोशिश की कि जब उसके अंतरिक्ष यात्री चांद पर गए तो उन्होंने कुछ नायाब काम किया।

What did US get by sending humans to the moon
चंद्रमा की सतह - फोटो : Social media

अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर भेजने से पहले उन्हें भूगर्भ शास्त्र की जानकारी जरूरी थी। इसके लिए उन्हें हवाई द्वीप, मेक्सिको, आइसलैंड और जर्मनी जैसे देशों का दौरा कराया गया। यहां, अंतरिक्ष यात्रियों को चट्टानों, ज्वालामुखी के बनने-बिगड़ने और उल्का पिंडों की वजह से होने वाले गड्ढों के बारे में जानकारी दी गई। अपोलो 15 कमांड मॉड्युल के पायलट अल वर्डेन का कहना है कि इन दौरों से मिली जानकारी उनके लिए काफी महत्वपूर्ण थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
What did US get by sending humans to the moon
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

चांद पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्री अपने साथ हथौड़े, ड्रिल मशीन और कुदाल ले गए गए थे ताकि खुदाई करने की सूरत में उनका इस्तेमाल किया जा सके, लेकिन अल वर्डेन लूनर ऑर्बिट में ज्यादा बड़े पैमाने पर अवलोकन कर रहे थे। वो ऐसी चीजें तलाश करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे वो साबित कर सकें कि उन्होंने सबसे अलग काम किया है। 

विज्ञापन
What did US get by sending humans to the moon
चांद की सतह - फोटो : File photo

अपोलो 17 मिशन के तहत चांद पर जाने वाले पहले और इकलौते भूगर्भशास्त्री हैं, हैरिसन श्मिट। चांद पर उन्हें चट्टानों के छोटे-छोटे मोती जैसे टुकड़े मिले जो इस बात के सबूत हैं कि चांद पर भी चट्टानों के बनने और टूटने की प्रक्रिया चलती रहती है। वो 741 टुकड़े नमूने के तौर पर साथ लाए थे, जिनका वजन 111 किलो था। चांद से करीब 2200 चट्टानों और मिट्टी के बहुत से नमूने लाकर अमेरिका के ह्यूस्टन की प्रयोगशाला में रखे गए, जिन पर अब तक रिसर्च हो रही है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed