मां ने दिखाई क्रूरता की हद, निकाल लिया अपने ही बेटे का कलेजा
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अब वो नन्हा सा बच्चा इस दुनिया में नहीं है। शायद ही किसी को इस बात का जरा भी इल्म था कि उसकी मौत की वजह खुद उसकी ही मां होगी।
मिरर के मुताबिक स्कॉटलैंड में रहने वाला फराई चिराशी पांच साल का था। पुलिस को उसके सिर, गले और पूरे शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं।
निशान बताते हैं कि उसपर चाकू से अटैक हुआ। फराई की मौत आज से पांच साल पहले हो गई थी। उसकी मौत चूंकि अजीबोगरीब परिस्थितियों में हुई थी, इसलिए मामला कोर्ट में चल रहा था।
अब आया कोर्ट का फैसला
सभी तरह की कारवाई से निश्चिंत हो जाने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए चिराशी की मां को उसकी मौत का दोषी माना। कोर्ट ने चिराशी की मां को पागल करार दिया।
वो श्रिजोफेनिया जैसी बीमारी से पीड़ित थी। ये एक मेंटल डिस्ऑडर है जिससे पीड़ित शख्स समाज से अजीबोगरीब ढंग से पेश आता है। वो नकली सा जीता है और लोगों को बड़ा ही संगीन और डरावना सा लगता है।
जिंबाबवे में पैदा हुए चिराशी की मां को रूक-रूक कर झटके आते थे। वो कहती थीं कि भगवान ने उन्हें एक मिशन पर भेजा है और उनकी आज्ञा का पालन करते हुए वो अपने बेटे के जान की दुश्मन बनी है।
निकाल लिया दिल
दिमागी रूप से अस्वस्थ चिराशी की मां को लगा कि उसे अपने बेटे के जान को लेना है ताकि भगवान का दिया गया काम पूरा हो।
इसलिए उसने अपने ही बेटे को पहले पीटा और अंत में उसकी जान के उसका कलेजा निकाल दिया। बच्चे की मौत हो गई।
पागल करार किए जाने के बाद चिराशी की मां को इलाज के लिए एडिनबर्ग स्थित ऑरचर्ड क्लिनिक में भेज दिया गया है।