{"_id":"5aa166754f1c1b90758b4569","slug":"more-then-500-canadian-doctors-protest-say-they-re-being-paid-too-much","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यहां सैलरी बढ़ने पर विरोध करने लगे डॉक्टर्स, बोले- हमें नहीं चाहिए इतने पैसे","category":{"title":"Weird Stories","title_hn":"अजब गजब","slug":"weird-stories"}}
यहां सैलरी बढ़ने पर विरोध करने लगे डॉक्टर्स, बोले- हमें नहीं चाहिए इतने पैसे
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 13 Mar 2018 09:01 AM IST
विज्ञापन
नौकरीपेशा लोगों की सबसे बड़ी चिंता का सबब उनका मेहनताना यानी सैलरी ही होती है। चाहे मजदूर हो या फिर डॉक्टर से लेकर इंजीनियर हर किसी को ऊंची सैलरी की चाहत है। सोचो अगर कोई खुद सामने से बोले कि हमारी सैलरी बहुत ज्यादा है। हमें इतने पैसों की जरूरत नहीं। चौंक गए न! मगर ये सच है।
दरअसल, कनाडा के डॉक्टरों, मेडिकल स्पेशलिस्ट और मेडिकल के छात्रों ने सैलरी बढ़ने पर एक पिटीशन फाइल की है। पिटीशन में लिखा है कि उनकी बढ़ी हुई सैलरी को जरूरतमंद नर्सों और मरीजों को दिया जाए। उनके अनुसार 25 फरवरी को जारी हुए इस पिटीशन से अब तक 700 लोग जुड़ चुके हैं।
विज्ञापन
दरअसल, कनाडा के डॉक्टरों, मेडिकल स्पेशलिस्ट और मेडिकल के छात्रों ने सैलरी बढ़ने पर एक पिटीशन फाइल की है। पिटीशन में लिखा है कि उनकी बढ़ी हुई सैलरी को जरूरतमंद नर्सों और मरीजों को दिया जाए। उनके अनुसार 25 फरवरी को जारी हुए इस पिटीशन से अब तक 700 लोग जुड़ चुके हैं।
विज्ञापन
सीएनबीसी के अनुसार 213 सामान्य प्रैक्टिस करने वाले, 184 विशेषज्ञ, 149 रेजिडेंट मेडिकल डॉक्टर और 162 मेडिकल स्टूडेंट्स हैं जिन्होंने पिटीशन पर साइन किया है। डॉक्टरों की सैलरी बढ़ने से नर्सों और क्लर्कों पर भारी बोझ पड़ गया और मरीजों की सेवा में कमी आई क्योंकि सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के बजट में कटौती की गई।
डॉक्टरों द्वारा साइन किए गए पत्र पर लिखा है कि ये वृद्धि सभी अधिक चौंकाने वाली हैं क्योंकि हमारे नर्सों, क्लर्कों और अन्य पेशेवरों को बहुत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जबकि हमारे रोगी हालिया सालों में कठोर कटौती और मंत्रालय में सत्ता के केंद्रीकरण की वजह से आवश्यक सेवाओं तक पहुंच की कमी के साथ रहते हैं।
डॉक्टरों द्वारा साइन किए गए पत्र पर लिखा है कि ये वृद्धि सभी अधिक चौंकाने वाली हैं क्योंकि हमारे नर्सों, क्लर्कों और अन्य पेशेवरों को बहुत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जबकि हमारे रोगी हालिया सालों में कठोर कटौती और मंत्रालय में सत्ता के केंद्रीकरण की वजह से आवश्यक सेवाओं तक पहुंच की कमी के साथ रहते हैं।