अंतिम संस्कार के लिए साइकिल पर ले जाना पड़ा साली का शव, आखिर क्या थी मजबूरी?
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फेसबुक पर एक फोटो वायरल हो रही है जिसमें एक महिला की लाश साइकिल से बंधी नजर आ रही है। वहीं, एक अधेड़ शख्स उसे चला रहा है। जिस बेतरतीबी से शव को लादकर ले जाया जा रहा है उसे देख किसी के भी आंखों से आंसू आ जाए। मगर ऐसी क्या मजबूरी थी कि इस महिला को रीति-रिवाज के साथ अर्थी पर ले जाने की बजाए, इस तरह ले जाया जा रहा है?
तस्वीर में नजर आ रहे शख्स का नाम चतुरभुज बांका है और इसकी उम्र 60 साल है। वहीं, साइकिल पर जिस महिला की लाश दिख रही है वह इसकी साली पंचा महाकुड (40) की है। बांका ओडीशा के बौद्ध जिले के कृष्णपाली गांव का रहने वाला है। यह तस्वीर तब ली गई जब वह अपनी साली का अंतिम संस्कार करने शमशान घाट लेकर जा रहा था।
इस वजह से नहीं नसीब हुआ अरथी
मगर यह अकेला क्यों है? फोटो देखकर किसी के भी मन में यह ख्याल आ सकता है। ऐसी दुख की घड़ी में तो परिवार और रिश्तेदार के साथ-साथ पड़ोसी भी सांत्वना देने आ जाते हैं। मगर बांका की मदद करने एक भी गांव वाला नहीं पहुंचा। ऐसा इसलिए क्योंकि गांव के लोगों ने इस शख्स का अघोषित बहिष्कार कर रखा है। ऐसा इसलिए क्योंकि बांका ने दूसरी बार दूसरी जाति की महिला से शादी कर ली थी।
साली की मौत हुई, मगर कहां है पत्नी?
दरअसल, बांका की पत्नी और उसकी साली दोनों डायरिया से ग्रसित थीं। अस्पताल में दोनों का इलाज चल रहा था। इसी बीच बांका की साली ने दम तोड़ दिया। राज्य सरकार की योजना के तहत शव को एंबुलेंज के जरिए घर तक तो पहुंचा दिया गया। मगर गांव वालों की बेरुखी की वजह से महिला को चार कंधे भी नसीब ना हुए। वहीं, बांका की पत्नी अभी भी अस्पताल में भर्ती है।