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किराए पर कोख देने वाली मांओं की दर्दनाक कहानी

Sun, 22 Nov 2015 04:05 PM IST
Updated Sun, 22 Nov 2015 04:05 PM IST
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Lives of surrogate mothers in mexico

बदलते वक्त के साथ मेक्सिको दुनिया का सबसे नया और तेजी से बढ़ने वाला देश बन गया है जहां लोग सरोगेसी से बच्चा पैदा कराने के लिए जा रहे हैं।

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इनमें से कुछ लोग तो बच्चे के साथ वापस जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे मामले होते हैं जिसमें सरोगेट माओं औऱ माता पिताओं के बीच कॉनट्रेक्ट न भरने या किसी लापरवाही के कारण बच्चे से हाथ धो बैठते हैं।
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डेलीमेल की खबर के मुताबिक एक टीवी चैनल के प्रोग्राम में उन औरतों से भी बात की गई जो पैसों के लिए कोख किराए पर देने के लिए तैयार हो जाती हैं।
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लेकिन गर्भवती होने के दौरान उन पर ध्यान तक देने वाला कोई नहीं होता। अगर वे बच्चा सही से पैदा न कर पाईं तो जिंदगी भर के लिए पछताती रह जाती हैं।

उनमें से एक एलेजांद्रा मेनडियोला महिला ने यह भी दावा किया कि उसे एचआईवी से संक्रमित कर दिया गया था जब उसके अंदर उस आदमी का स्पर्म डाला गया जिसे यह संक्रमण था। उसे पहले से इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

चार बेटों को अकेले पाल रही मां एलेजांद्रा ने बताया कि वे एक अमेरिकी आदमी के लिए कोख किराए पर देने के लिए तैयार हुई थीं क्योंकि उन्हें अपना परिवार चलाने के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी।

इस मां को एचआईवी संक्रमित होने का डर

Lives of surrogate mothers in mexico

मेक्सिको में यह कानून है कि सरोगेट माओं को सीधे पैसा नहीं दिया जा सकता लेकिन इसके दूसरे रास्ते हैं। ये माएं अक्सर $10,000 यानी 6,61,089.50 रुपए तक की मांग कर लेती हैं जबकि साधारण काम कर के उन्हें सालों लग जाएं इतनी रकम कमाने में।

इस लुभावने ऑफर की वजह से ही एलेजांद्रा ने यूएस आधारित एजेंसी सरोगेसी बियॉन्ड बॉर्डर्स में खुद को रजिस्टर करा लिया।

लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी तब तक नहीं दी गई थी कि वे किस आदमी के बच्चे को अपनी कोख में रख रही हैं जब तक भ्रूण स्पर्म के साथ मिल कर विकसित नहीं हो गया।

उन्होंने बताया,'' बच्चे का पिता एचआईवी से संक्रमित था औऱ मुझे पता भी नहीं था। उन्हें छठे महीने में जा कर पता चला।''

जब एंजेसी की डायरेक्टर लिली फ्रॉस्ट से संपर्क किया पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एलेज्रांदा को व्हॉट्सएप मेसेज के जरिए उस आदमी की स्थिति की जानकारी दी गई थी।

माओं को पहले से नहीं दी जाती कोई जानकारी

Lives of surrogate mothers in mexico

कुछ वक्त बाद एलेजांद्रा उनके पास पहुंची और बोली कि वे इस स्थिति से बहुत असहज है। उसे कभी बताया ही नहीं गया। लिली का कहना था कि उन्हें पछतावा है कि उन्होंने एलेज्रांदा से कोई कॉनट्रैक्ट साइन नहीं करवाया।

उन्होंने एलेजांद्रा से ये भी नहीं पूछा कि क्या वे उस स्पर्म से खुश है जो उसके गर्भ में डाला गया है। एलेज्रांदा को एजेंसी द्वारा बताया गया था कि स्पर्म में वायरस का संक्रमण नहीं है और उन्हें भी कोई बीमारी नहीं होने पाएगी।

अच्छे खाने को तरस जाती हैं माएं

Lives of surrogate mothers in mexico

एलेजांद्रा की तरह ही दूसरी महिला जो एजेंसी से खफा है वह हैं डाएना गिजेल। उनका कहना है कि एजेंसी वालों ने छ: महीनें तक उन्हें अच्छी औऱ जरूरी खाने की पौष्टिक चीजें नहीं भेजीं।

उन्होंने बताया, ''एक दिन अचानक उन्होंने खाने के लिए पैसा भेजना बंद कर दिया। मैंने सीदे डायरेक्टर से बात की और बताया कि मुझे भूख लगती है।''

एजेंसी की सह संचालक मिशेल का भी कहना था कि डाएना अकेली ऐसी औऱत नहीं थी। अक्सर ही सरोगेट माओं के लिए खाने की कमी पड़ जाती है।

उन्होंने दावा किया कि जरूरी कॉनट्रैक्ट भी इन माओं से साइन नहीं कराए जाते है जिसके कारण उनका और बच्चे का भविष्य खतरे में पड़ता है।

मां और बच्चे को कानूनी हक दिलाना जरूरी

Lives of surrogate mothers in mexico

इसी तरह दूसरी सरोगेसी एजेंसी चलाने वाले कार्लोस रोसिलो कहते हैं कि कॉनट्रैक्ट साइन कराना सबसे जरूरी है। उनके सारे अधिकारों में ध्यान में रख कर यह काम किया जाना चाहिए।

वे खुद भी माता पिताओं के साथ बच्चे के जन्म को रिजिस्टर कराने जाते हैं जब वे सरोगेट मां को चुन लेते हैं। ये इसलिए ताकि सब कानूनी रूप से सही रहे।

उन्होंने कहा, ''हम बच्चे का अच्छा ख्याल रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें भी पहचान और राष्ट्रीयता मिलने का हक है और एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है फिर उन्हें अपने मां बाप के साथ अपने देश में रहने की इजाजत है।''

सरोगेसी के लिए सस्ता माना जाता है मेक्सिको

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उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी सरोगेसी की मांग को पूरा करने में लगी रहती है और इस साल यह व्यापार पांच गुना बढ़ा है।

यूएस और थाईलैंड जैसे देशों में कोक किराए पर लेकर, मां को बच्चा पैदा करने के लिए पैसे देना कानूनी है। वहीं, ब्रिटेन में माओं को सीधे पैसे नहीं दिए जाते लेकिन उनकी सारी इच्छाओं को पूरा किया जाता है।

मेक्सिको में भी यही होता है इसीलिए गे कपल या जो लोग बच्चे पैदा नहीं कर पा रहे हैं, वे इस देश की तरफ तेजी से बड़ रहे हैं क्योंकि दूसरे देशों की तुलना में यहां कम पैसा लगता है। मेक्सिको में अमेरिका के मुकाबले आधी रकम में यह हो जाता है।

लेकिन इसकी काला सच तब सामने आता है जब एलेजांद्रा और डाएना जैसे मामले होते हैं।

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