11 साल की बच्ची का किया खतना, फिर गहन यातनाएं...
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सोचिए कैसा हो अगर अंजाने में मात्र दस या ग्यारह साल की उम्र में खतना कर दिया जाए? और इसी के बाद जिंदगी में शुरू हो वो दिन जिनके बारे में आप कभी भूलकर भी सपने में भी नहीं देखना चाहेंगे।
डेली मेल के मुताबिक ये लड़की है केन्या की। डैमारिस मॉन्टी नाम की इस लड़की का खतना मात्र 11 साल की उम्र में किया गया था। डैमारिस कहती है कि ये उसके साथ तब हुआ जब वो इस प्रक्रिया के बारे में कुछ भी नहीं जानती थी।
उसे बस एक दिन उसकी आंटी के घर बुलाया गया। वहां उससे चुपचाप एक जगह बैठने को बोला गया। वहां उसने देखा कि तीन और उसी के उम्र की लड़कियां भी वहीं हैं। इसके बाद डैमारिस का एक महिला ने खतना कर दिया।
सभी लड़कियों का हुआ वही हाल
डैमारिस खतना सहने वालों में अकेली नहीं थी। खतना कर देने के बाद उसे एक शॉल पहनाकर घर के बाहर बनी एक झोपड़ी में भेज दिया गया। उसे रोने और चिल्लाने को भी मना कर दिया।
उससे कहा गया कि उसके चिल्लाने से उसके मां-बाप का नाम समाज में खराब होगा। तो उसे रोने तक की आजीदी नहीं दी गई। झोपड़ी के अंदर ही उसने आने वाले तीन महीने बिताए।
अभी उसके खतने का जख्म पूरी तरह से ठीक भी नहीं हुए थे कि डैमारिस को पता चला कि उसकी शादी होने वाली है। जी हां, ग्यारह साल की उम्र में उससे दोगुना उम्र के व्यक्ति के साथ उसकी शादी करवा दी गई।
12 की उम्र में बन गई मां
डैमारिस के व्यथा तो ऐसी है कि किसी का भी दिल रो उठे। बारह साल की भी कोई उम्र होती है बच्चे को जन्म देने की? खुद बच्ची डैमारिस को ग्यारह साल की उम्र में खतना झेलने के बाद बारह की उम्र में प्रवेश लेते ही मां बनना पड़ा।
अभी वो चौदह साल की है। उसकी बेटी दो साल की है। अब जिस समाज में वो रहती है वहां लोग उसकी बेटी का खतना कर देना चाहते हैं। किसी तरह से वो अपनी और बेटी की जान बचाकर भागने में सफल हो पाई।
उसने अपने साथ इतने जुल्म झेले की वक्त ने वक्त से पहले ही उसे बड़ा बना दिया। अब वो एक्शन ऐड नाम की चैरिटी से जुड़ पाई हैं। ये चैरिटी फीमेल जेनेटिक म्यूटिलेशन के खिलाफ है और बच्चों को इससे बचाती है। खुद डैमारिस भी इससे जुड़कर अब इसी के लक्ष्य को सच बना रही हैं।