हैरतअंगेज! इस महिला की प्रसव पीड़ा चली पूरे 75 दिन
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पोलैंड के रोकलो में रहने वाली जोआना के गर्भ में तीन बच्चे पल रहे थे। वो एक के बाद एक करके तीन बच्चों को जन्म देने वाली थी।
औडी के मुताबिक लेकिन उसे समय से पहले ही प्रसव पीड़ा उठी। उनके पहले बच्चे ने प्रेग्नेंसी के पांचवे महीने में ही जन्म ले लिया लेकिन पैदा होने के बाद ही मर गया।
डॉक्टरों ने कहा कि बाकी दो बच्चों को गर्भ में बचाने के लिए अब जोआना को पैर ऊपर की तरफ लटका के तब तक बिस्तर पर पड़े रहना होगा जब तक बच्चों को डिलीवरी टाइम पास नहीं आ जाता।
मां हो गई राजी
पांचवे महीने में एक बच्चे को पैदा करते ही खो देने के गम में जोआना इतनी दुखी हुई कि उन्होंने बाकी दोनों बच्चों की जानें बचाने के लिए डॉक्टरों के कहे पोज में लेटने के लिए हामी भर दी।
फिर क्या था, डॉक्टरों ने अपने कड़े निरीक्षण में जोआना के पैर ऊपर की तरफ उसके सिर से भी ऊंचे करके हल्के बांध दिए। पांचवे से नौवें महीने तक जोआना ऐसी ही बिस्तर पर पड़ी रहीं और गर्भ में बच्चों को ठीक से बड़ा होने दिया।
डिलीवरी डेट आने पर ईगा और ईगनेसी नाम की दो जुड़वा बहनों ने जोआना के गर्भ से जन्म लिया।
सब ठीक रहा
जोआना दोनों बच्चों को पैदा कर खूब खुश हुई। उसका कहना था कि भले ही उसे ऊलटे होकर महीनों का वक्त बिस्तर पर बिताना पड़ा लेकिन उसे इस बात की खुशी है कि उसके बचे दो बच्चे ठीक से पैदा हो गए।
जोआना के जुड़वा बच्चे 32 हफ्तों के प्रसव पीड़ा के बाद जन्मे। मामला साल 2012 का है।
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