'मेरा हाथ मांस का बेकार लोथड़ा है, मुझे मदद चाहिए'
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इस महिला के फुटबॉल जितने बड़े हाथ और उंगलियों को देख कर डॉक्टर भी दंग हैं। बांग्लादेश के सिरजागांव की रहने वाली 36 वर्षीय अफरोजा बेगरोम कई सालों से इस बीमारी के साथ जी रही हैं औऱ ताज्जुब की बात ये है कि किसी को इसका कारण भी नहीं पता।
आज तक इस बीमारी के पीछे के रहस्य को डॉक्टर भी सुलझा नहीं पाए हैं। अफरोजा का दाया हाथ उसके चेहरे से भी ज्यादा बड़ा है। देख कर यकीन नहीं होता लेकिन अफरोजा रोज इस मुसीबात से लड़ती है। वो इतने दर्द में है कि अपना हाथ उठा तक नहीं पाती।
अब तो हालत ये हो गई है कि हाथ पर छाले पड़ जाते हैं और खुद ही फूटते हैं। इस वजह से वहां घाव हो जाते हैं और अफरोजा दर्द से कराहती रहती है। दो बच्चों की मां अफरोजा इसी उम्मीद में है कि उसकी बीमारी का किसी तरह इलाज हो जाए।
'उसे दर्द में रोते देखता हूं तो दुख होता है'
वो कहती हैं, ''ये दर्द असहनीय है। मैंने गांव के कई डॉक्टरों को भी दिखाया। कई ऐक्स रे कराए ये देखने के लिए कि क्या हड्डी बढ़ रही है लेकिन नजीते में यही आया कि हड्डियां सही सलामत हैं।मैंने डॉक्टरों से कहा भी कि बीमारी मांस की है लेकिन वो भी पता नहीं लगा पाए।''
अफरोजा कहती हैं कि उन्हें जन्म से ही ये बीमारी है। बचपन से ही उनकी अनामिका उंगली पर अजीब सा उभरा हुआ मांस दिखता था। जैसे जैसे वे बड़ी हुईं, ये उनके पूरे हाथ और दूसरी उंगलियों पर भी फैल गया। आस पास के कोई डॉक्टर इसका इलाज नहीं कर पाए औऱ उन्हें ढाका में दिखाने की सलाह दी गई। लेकिन अफसोस की बड़े डॉक्टरों की महंगी फीस के कारण वे उनके पास भी नहीं जा सकतीं।
अफोराज के पति बिलाल कहते हैं,''मुझे बहुत दुख होता है जब मैं उसे दर्द में रोते देखता हूं लेकिन मैं कुछ कर भी नहीं सकता। मेरी आय इतनी ही है कि बच्चों की पढ़ाई पर खर्च हो जाती है लेकिन मैं चाहता हूं उसे इस बीमारी से छुटकारा मिल सके। काश कोई मदद के लिए आगे आता।''
'मेरा हाथ सिर्फ मांस का बेकार लोथड़ा है'
अफरोजा को उम्मीद है कि उसकी कहानी दुनिया के सामने आने से उसे मदद और इलाज मिलेगा। वो कहती है कि उसने अपनी सारी जिंदगी बच्चों को पालने और पति की सेवा करने में लगा दी। उसने एक ही हाथ से खाना बनाना और बाकी सारे काम करना सीख लिया।
खुद को इस लायक बना लिया। वो कहती हैं,''लेकिन अब जब मेरे बच्चे बड़े हो गए हैं, अब मैं खुद पर ध्यान देना चाहती हूं। काश मेरा भी आम इंसानों जैसा हाथ होता। मेरा हाथ सिर्फ मांस का बेकार लोथड़ा है लेकिन मैं काम करना चाहती हूं। मुझे उम्मीद है कोई मदद केलिए आगे आएगा''