ईसा मसीह को ईसाई धर्म का प्रवर्तक माना जाता है। ईसाई लोग उन्हें परमपिता परमेश्वर का पुत्र और ईसाई त्रिएक परमेश्वर का तृतीय सदस्य मानते हैं, लेकिन कट्टरपंथियों ने उन्हें सूली पर लटका दिया था। ईसाइयों का मानना है कि सूली पर मरते समय ईसा मसीह ने सभी इंसानों के पाप स्वयं पर ले लिए थे और इसलिए जो भी ईसा में विश्वास करेगा, उसे ही स्वर्ग मिलेगा। हालांकि कहा यह भी जाता है कि मृत्यु के तीन दिन बाद ईसा मसीह वापस जी उठे थे और 40 दिन बाद सीधे स्वर्ग चले गए थे। क्या आप जानते हैं कि वो कौन सी जगह थी, जहां उन्हें सूली पर लटकाया गया था?
आखिर कैसा है वो शहर, जहां ईसा मसीह को सूली पर लटकाया गया था
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Wed, 26 Feb 2020 11:38 AM IST
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