वर्दी पर लगे सितारो को देखकर पहचाने कौन से रैंक का है अधिकारी, जानिए किसकी वर्दी पर कितने सितारे
पुलिस में भर्ती होना युवाओं का का सपना होता है। युवा दिन-रात मेहनत करके प्रशासनिक सेवा की तैयारी करते हैं। पुलिस का काम गावं, शहर, राज्य और देश में कानून व्यवस्था को बनाए रखना होता है इसके साथ ही पुलिस सुरक्षा का कार्य भी करती है। भारत में कई राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के पास अपनी पुलिस फोर्स है जिसमें लाखों ऑफिसर और जवान शामिल हैं। किसी भी फोर्स में अलग-अलग पद पर अधिकारियों की नियुक्ति होती है। इन अधिकारियों को रैंक के अनुसार वर्दी मिलती है। पुलिस में भी वर्दी का अपना एक अलग महत्व है। अगर आपको किसी अधिकारी की रैंक के बारे में जानना हो तो आप उसकी वर्दी को देखकर आसानी से पहचान कर सकते हैं कि वह किस रैंक का अधिकारी या पुलिसवाला है। जानते हैं कैसे
पुलिस विभाग में सबसे शुरुआती पोस्ट कांस्टेबल की होती है। इनकी वर्दी पर किसी तरह का कोई बैज या फिर स्टार नहीं लगा होता है लेकिन इनकी ड्यूटी बहुत महत्वपूर्ण होती है। किसी भी इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखना और अपराधिक गतिविधियों को रोकने में इनकी बहुत ही अहम भूमिका होती है। अन्य उच्च पद पर आसीन अधिकारियों की तरह इनकी ड्यूटी भी काफी कठिन होती है।
हेड कांस्टेबल
हेड कांस्टेबल से कांस्टेबल से एक रैंक ऊपर होता है। इनकी वर्दी पर काले रंग की एक पट्टी के ऊपर दो पीले रंग कि पट्टी लगी होती हैं लेकिन जरुरी नहीं है कि हर राज्य में हेड कांस्टेबल की वर्दी या उसपर लगी पट्टी एक जैसी हो, इनका रंग अलग भी हो सकता है। कई जगहो पर लाल रंग की चौड़ी पट्टी पर तीन काले रंग की पट्टियां भी लगी होती हैं।
सीनियर पुलिस कांस्टेबल का पद हेड कॉन्स्टेबल से भी एक रैंक ऊपर का होता है। इनकी वर्दी में बैज की जगह पर काले रंग की पट्टी लगी होती है और उसके ऊपर पीले रंग की पट्टी भी लगी रहती है लेकिन कुछ राज्यों में बैज पर लाल रंग की पट्टी भी लगी होती है।
असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर
हैड कांस्टेबल से ऊपर की पोस्ट असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की होती है। इनकी वर्दी पर एक लाल और नीले रंग की पट्टी लगी होती है इसी के साथ पट्टी के थोड़ा सा ऊपर एक स्टार भी लगा रहता है।
सब इंस्पेक्टर ASI के ऊपर की रैंक होती है। इस रैंक को अधिकारी रैंक माना जाता है। इनकी वर्दी में लाल और नीले रंग की पट्टी लगी होती है इसकी के साथ दो स्टार भी लगे होते हैं। जिस तरह सेना में सूबेदार का पद होता है उसी तरह पुलिस में सब इंस्पेक्टर का पद माना जाता है।
इंस्पेक्टर
किसी भी थाने में ये सबसे ऊपर की पोस्ट होती है। इंस्पेक्टर रैंक का पुलिस अधिकारी किसी भी थाने का पूरा कार्यभार संभालता है, जिसे थाना इंचार्ज कहते हैं। इनकी वर्दी पर एक लाल और नीली पट्टी लगी होती है और इसके साथ ही इन्हें तीन स्टार प्राप्त होते हैं।
पुलिस बल में किसी भी राज्य के प्रतिनिधि के तौर पर डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस की नियुक्ति होती है। ज्यादातर आम लोग इन्हें DSP के नाम से ही जानते हैं। इनकी वर्दी पर एक लाल और खाकी रंग का बैज लगा होता है इसके साथ ही बैज पर तीन स्टार लगे रहते हैं।
असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस ASP
असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट टेंट ऑफ पुलिस या एडिशनल डिप्टी कमिश्नर का पद डीएसपी से एक रैंक ऊपर होता है। आमतौर पर इन्हें इनके पद की शॉर्ट फॉर्म यानी ASP के नाम से जाना जाता है। इनकी वर्दी पर अशोक स्तंभ बने होने के साथ ही IPS का लोगो लगा होता है क्योंकि IPS की परीक्षा पास करने के बाद ये अधिकारी पद की पहली रैंक होती है।
असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट टेंट ऑफ पुलिस से एक रैंक ऊपर सुपरिंडेंटेंट ऑफ पुलिस होता है। जिन्हें (SP) एसपी या डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) के तौर पर जाना जाता है। इनकी वर्दी पर अशोक स्तंभ का चिन्ह्, एक स्टार और IPS का लोगो बना होता है।
(SSP) सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस
एसपी से एक रैंक ऊपर सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस यानी SSP की पोस्ट होती है। इनकी तैनाती बड़े शहरो में होती है। हिंदी में इन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम से जाना जाता है। इनकी वर्दी पर अशोक का स्तम्भ लगे होने के साथ 2 स्टार भी लगे होते हैं।
एसएसपी से एक रैंक ऊपर डीआईजी की पोस्ट होती है। इनकी वर्दी पर अशोक के स्तम्भ के साथ तीन स्टार होते हैं। इसीके साथ इनके बैज पर IPS का लोगो भी लगा होता है। इन्हें हिंदी में पुलिस उपमहानिरक्षक कहा जाता है।
(IG) इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस
डीआईजी से एक रैंक ऊपर इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस की पोस्ट होती है।इनकी वर्दी पर तलवार का चिन्ह और एक स्टार लगा होता है, इसी के साथ IPS भी लिखा होता है। इन्हें हिंदी में पुलिस महानिरक्षक भी कहा जाता है।