खरगोश से तेज भाग लेता है बिना पैरों का यह कछुआ!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कछुआ खरगोश की कहानी को लगभग हम सभी लोग जानते हैं। हम यह भी जानते हैं कि खरगोश के आलस की बजह से कछुआ जीत गया था, लेकिन चेन्नई के चिड़ियाघर में एक ऐसा कछुआ भी है जो हकीकत में खरगोश से तेज दौड़ सकता है। यह खबर है चेन्नई के वंडालुर चिड़ियाघर की।
यहां के अधिकारियों ने देखा कि दो वर्ष की एक मादा कछुआ जिसके पैर में गंभीर घाव है और वो चल नहीं सकती तो उन्होंने उसके पैर की सर्जरी करवा दी। पैरों में जख्म इतना गंभीर था कि उसके पैरों को काटना पड़ा। लेकिन डॅाक्टरों ने अब इस कछुए को पैरों की जगह जो दिया है वो भी किसी करतब से कम नहीं है।
खाने के लिए सबसे पहले पहुंचता है
अधिकारियों के मुताबिक कछुए के पैरों की जगह अब पहिए लगा दिए गए हैं। जिससे अब वो किसी भी कछुए से तेज दौड़ सकता है। चिड़ियाघर के निदेशक के.एस.एस.वी.पी रेड्डी ने बताया कि, 'कुछ दिनों पहले बाड़े में बड़े कछुओं ने इस कछुए पर हमला कर दिया था। इससे उसकी टांग जख्मी हो गई थी।
पूरे शरीर में इंफेक्शन न हो जाए, इसलिए उसकी टांग का ऑपरेशन कर दिया गया। डॉक्टरों ने उसके पैरों में एक खास किस्म का पहिया लगा दिया है। इसकी वजह से कछुआ जहां चाहे, तेजी से चला जाता है।' रेड्डी के मुताबिक कछुए की सर्जरी के कुछ ही मिनट बाद वो अपने कृत्रिम पैरों से चलने फिरने लगा। अब वो बाड़े में खाने के समय अन्य 49 कछुओं से तेज पहुंचता है।
वंडालुर जू में इससे पहले मार्च में हो चुका है ऐसा ही ऑपरेशन
दरअसल में कछुए को जो दो पहिये लगाए गए हैं, वो बेहद हल्के हैं। एक पहिया कछुए के बाएं पैर के पास लगाया गया है, जबकि दूसरा उसके सेल के पीछे फिक्स किया गया है। इससे कछुए का भारी भरकम शरीर संतुलित हो जाता है और वह दौड़ सकता है। वंडालुर जू में इससे पहले मार्च में ऐसा ऑपरेशन हो चुका है।
वेटरन डॉक्टरों ने एक घायल तेंदुए की कॉस्मेटिक सर्जरी की थी। वन विभाग ने जंगली सुअर को पकड़ने के लिए जाल लगा रखा था लेकिन धोखे से तेंदुआ उसमें फंस गया। गंभीर रूप से घायल तेंदुए की कास्मेटिक सर्जरी कर उसे ठीक किया गया था। हालांकि यह नहीं कहा जा सकता कि कछुआ इस सर्जरी से खुश होगा या नहीं लेकिन वो सबसे अलग जरूर लग रहा है।