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Valentine Day: प्रेम के लिए अपने हाथों से पहाड़ का सीना चीड़ बना दिया रास्ता; जानिए, दशरथ और फगुनिया की कहानी

Fri, 14 Feb 2025 01:23 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया Published by: आदित्य आनंद Updated Fri, 14 Feb 2025 01:23 PM IST
सार

वेलेंटाइन डे के दिन माउंटेन मैन दशरथ मांझी की प्रेम कहानी को याद कर प्रेमी जोड़े की भीड़ लगती है और लोग दशरथ मांझी की प्रेम कहानी की कसमें खाते हैं। आज के दिन गहलौर घाटी प्रेमी जोड़े से गुलजार रहता है।

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Valentine Day: Dashrath Manjhi and the story of the world: Mountain Man, Bihar News, Gaya New
माउंटेन मैन दशरथ मांझी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के माउंटेन मैन दशरथ मांझी की प्रेम कहानी  किसी अभिनेता की प्रेम कहानी नहीं है। बल्कि यह प्रेम कहानी एक गांव में रहने वाले मजदूर की है। जिसने अपने हाथों से 22 साल तक उस पहाड़ को काटा, जिसके कारण उसकी पत्नी फाल्गुनी देवी की मौत हो गई थी। गया जिले के नीमचक बथानी प्रखंड के गहलौर गांव के रहने वाले दशरथ मांझी मजदूरी का काम करते थे। उसकी पत्नी फाल्गुनी देवी प्रतिदिन पहाड़ पार कर अपने पति को खाना और पानी पहुंचाने जाती थी। एक दिन खाना ले जाने के दौरान पहाड़ पर पैर फिसल गया और वह जख्मी हो गई। लेकिन, रास्ता नहीं होने के कारण इलाज नहीं करा सके और उसकी मौत हो गई थी। उसके बाद दशरथ मांझी ने ठान लिया कि जिस पहाड़ की वजह से उसकी पत्नी की मौत हुई है। वह उसे काटकर रास्ता बना देंगे।

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वह दीवानगी जो प्रेम की खातिर जिद में बदली और तब तक चैन से नहीं बैठा जब तक पहाड़ का सीना काट न दे। अपनी पत्नी जिसे वह प्यार से फगुनिया कहकर बुलाता था। उसकी याद में छेनी हथौड़ी से 22 वर्षों तक पागलों की तरह पहाड़ की चट्टानों को काटता रहा। तब तक काटता रहा जब तक पहाड़ काटकर रास्ता न बन जाए। दशरथ मांझी किसी पहचान के मोहताज नहीं है। पत्नी से बेपनाह प्यार करने वाले दशरथ मांझी ने अपने प्यार की जो निशानी गया जिले को दी है, उसे पूरी दुनिया ने देखा और जमकर सराहा। पहाड़ का सीना चीरने के बाद दशरथ मांझी माउंटेन मैन के नाम से लोग जानने लगे।
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1960 से 1982 तक दशरथ मांझी पागलों की तरह पहाड़ को काटते रहे और पहाड़ ने मांझी से हार मानकर 360 फुट लंबा, 25 फुट गहरा और 30 फूट चौड़ा रास्ता बना दिया। पहाड़ को काटकर रास्ता बना देने से गया से अतरी और वजीरगंज रास्ता 55 किलोमीटर से घटकर 15 किलोमीटर रह गया। माउंटेन मैन दशरथ मांझी के प्रेम कहानी को दिखाने में बॉलीवुड भी पीछे नहीं रहा। मांझी द माउंटेन मैन फिल्म को बनाया जो काफी हिट हुई। दशरथ मांझी का फाल्गुनी देवी के लिए यह प्यार शाहजहां के मुमताज के लिए प्यार से कम नहीं था।
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Valentine Day: Dashrath Manjhi and the story of the world: Mountain Man, Bihar News, Gaya New
दशरथ मांझी ने इसी पहाड़ को काटकर बनाया था रास्ता। - फोटो : अमर उजाला

नीतीश कुमार ने अपनी कुर्सी पर बिठाकर सम्मान
माउंटेन मैन दशरथ मांझी को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी सीएम की कुर्सी पर बिठाकर उन्हें सम्मानित किया था। जिसके बाद सीएम के द्वारा दशरथ मांझी को लेकर समाधि स्थल, स्मृति भवन, स्मृति द्वार और पहाड़ के काटे गए ऊबड़ खाबड़ रास्ता को सड़क बनाने का कार्य किया गया। केन्द्र सरकार ने भी वर्ष 2016 में पांच रुपए का डाक टिकट जारी कर माउंटेन मैन को राष्ट्रीय सम्मान दिया था। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी दशरथ मांझी को भारत रत्न देने की मांग गृह मंत्री अमित शाह से की थीं। बिहार सरकार द्वारा भी भारत रत्न की मांग अनुशंसा करके केंद्र सरकार को भेजा गया है।

वेलेंटाइन डे पर प्रेमी जोड़े की लगती है भीड़ 
हालांकि माउंटेन मैन दशरथ मांझी की प्रेम कहानी पूरे देश में चर्चित है। जो लोग भी देश-विदेश से पर्यटक बिहार घुमने आते हैं। वें लोग एक पर गहलौर घाटी देखने जरूर आते हैं। वहीं वेलेंटाइन डे के दिन माउंटेन मैन दशरथ मांझी की प्रेम कहानी को याद कर प्रेमी जोड़े की भीड़ लगती है और लोग दशरथ मांझी की प्रेम कहानी की कसमें खाते हैं। यही वजह है कि वेलेंटाइन डे के दिन गहलौर घाटी प्रेमी जोड़े से गुलजार रहता है।

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